कोटा: भगवान परशुराम शोभायात्रा की तैयारी को लेकर ब्राह्मण समाज की बैठकें संपन्न
18 अप्रैल को निकलने वाली भव्य शोभायात्रा हेतु समाज के विभिन्न घटकों ने बनाई रणनीति, नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने और यूजीसी कानून पर झांकी निकालने का निर्णय।

राजस्थान की शिक्षा नगरी कोटा में भगवान परशुराम प्राकट्य महोत्सव के अंतर्गत 18 अप्रैल को आयोजित होने वाली भव्य शोभायात्रा को लेकर ब्राह्मण समाज के विभिन्न घटकों में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। महोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप देने और समाज में संस्कारों के बीजारोपण हेतु शहर के विभिन्न क्षेत्रों में मैराथन बैठकों का दौर जारी है, जिसमें ब्राह्मण मातृशक्ति ने अपने विशेष जोश से आयोजन की भव्यता को नई ऊर्जा प्रदान की है।
तैयारियों के क्रम में प्रवक्ता रमेश चन्द्र गौतम ने जानकारी दी कि दादाबाड़ी स्थित गौतम वाटिका में गौतम समाज की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि ब्रजराज गौतम, अनिल तिवारी, विशाल शर्मा, जगमोहन गौतम, राजेंद्र गौतम, पदम गौतम एवं आरसी गौतम द्वारा भगवान परशुराम एवं महर्षि गौतम के चित्रों पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। बैठक को संबोधित करते हुए बृजराज गौतम ने समाज को नई दिशा देते हुए कहा कि हमारा उद्देश्य मात्र शोभायात्रा तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि बच्चों में संस्कारों का संचार करना प्राथमिक लक्ष्य है। उन्होंने आगामी पीढ़ी को ऋषि-मुनियों और देवी-देवताओं के गौरवशाली इतिहास से अवगत कराने हेतु प्रतियोगिताएं और कार्यशालाएं आयोजित करने पर बल दिया। इसी कड़ी में अनिल तिवारी ने गौतम जयंती की तर्ज पर परशुराम जयंती में भी व्यापक जनभागीदारी का आह्वान किया और उपस्थित जनसमूह को भगवान परशुराम के आदर्शों के अनुसरण की शपथ दिलाई।
संगठन की शक्ति को रेखांकित करते हुए विशाल शर्मा ने हाड़ौती के प्रत्येक ब्राह्मण से सपरिवार उपस्थिति दर्ज कराने की अपील की, ताकि समाज की एकजुटता का परिचय दिया जा सके। वहीं, राजेंद्र गौतम ने अपने ओजस्वी संबोधन में शोभायात्रा को ब्राह्मण समाज का गौरव बताते हुए एक महत्वपूर्ण घोषणा की कि इस बार शोभायात्रा में भारत सरकार के नए यूजीसी कानून के विरोध में एक विशेष झांकी भी शामिल की जाएगी। एडवोकेट पदम गौतम ने भी विचार रखे, जबकि कार्यक्रम का सफल संचालन जगमोहन गौतम द्वारा किया गया।
महोत्सव की भव्यता में मातृशक्ति की भूमिका को सशक्त करने हेतु च्यवन गौड़ छात्रावास, दादाबाड़ी में ब्राह्मण मातृशक्ति संस्था की विशेष बैठक हुई। इस बैठक में ब्रजराज गौतम, अरुण भार्गव, राजेंद्र गौतम, ईश्वर, बबलू शर्मा, संजय ओझा और हरि ओम तिवारी के मार्गदर्शन में वंदना वशिष्ठ, संरक्षिका अंजना दीक्षित, संस्थापिका उमा व्यास, अध्यक्ष संतोष शर्मा सहित मुक्ता, सुनीता शर्मा, नीलम शर्मा, डॉ. नीरा मिश्रा, शालिनी, कौशल्या, प्रतिभा और मालती जोशी जैसी प्रबुद्ध महिलाओं ने पूरे जोश के साथ प्रतिभाग कर शोभायात्रा को परिष्कृत करने की रणनीति बनाई।
समाज के अन्य घटकों ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। किशोरपुरा स्थित पारीक भवन में अशोक पारीक, विनोद पारीक, देवकीनंदन, डॉ. रेवती रमण पारीक, गोपाल पारीक, कैलाश पारीक, रमाकांत पारीक, अशोक पारीक, मनोज व्यास, राजेंद्र व्यास, ओमप्रकाश पारीक और कृति व्यास की उपस्थिति में पारीक पंचायत की बैठक संपन्न हुई। इसके अतिरिक्त, श्री गौड़ समाज की बैठक नेमीचंद शर्मा के सानिध्य में, महाराष्ट्रीयन समाज की बैठक विशाल उपाध्याय के नेतृत्व में, ब्राह्मण जागृति मंच की बैठक डॉ. जगदीश शर्मा के सानिध्य में स्टेशन क्षेत्र में, ब्राह्मण कल्याण परिषद की बैठक कुन्हाड़ी में नवल शर्मा के नेतृत्व में तथा विज्ञान नगर मंडल की बैठक कमल शर्मा के नेतृत्व में संपन्न हुई। इन बैठकों का सामूहिक ध्येय 18 अप्रैल की शोभायात्रा को ऐतिहासिक और संस्कारवान बनाना है।

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