कोटा, 20 सितंबर। ‘मिच्छामी दुक्कडम्’ के साथ जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए एक-दूसरे से क्षमा मांगने और मन के मनमुटाव व वैर को मिटाने का संदेश रविवार को श्री ओसवाल समाज के सामूहिक क्षमावाणी समारोह में गूंजा। श्री पार्श्व कुशलधाम, दानबाड़ी में आयोजित समारोह में चातुर्मास के लिए कोटा में विराजित परम पूज्य युवा संस्कार भारती, सरस्वती आराधिका, मनोहर शिशु लयस्मिता श्रीजी महाराज साहिब आदि ठाणा-5 का सानिध्य रहा। इस अवसर पर तपश्चर्या करने वाले 55 तपस्वियों का बहुमान कर उनके त्याग, संयम और साधना को नमन किया गया। संस्था के अध्यक्ष नरेंद्र लोढ़ा द्वारा 8 उपवास पर उनका भी बहुमान किया गया। समारोह के दौरान 55 से अधिक लोगों ने नेत्रदान और पांच जनों ने देहदान का संकल्प लिया।

संतों ने प्रवचन में कहा कि जीवन में सुख केवल घर, मकान, दुकान और धन-दौलत से नहीं मिलता, बल्कि स्वभाव में बदलाव से वास्तविक सुख की प्राप्ति होती है। कार्यक्रम में प्रस्तुत लघु नाटिका के माध्यम से दो भाइयों के बीच विवाद, गुस्से और क्रोध के दुष्परिणामों को प्रभावी ढंग से दिखाया गया।

उन्होंने कहा कि क्रोध कषाय के कारण व्यक्ति का स्वास्थ्य तक प्रभावित हो जाता है। बार-बार डॉक्टर के पास जाना, हार्ट अटैक और ऑपरेशन जैसी स्थितियां जीवन को कमजोर बना देती हैं। यदि जीवन में ‘करना नहीं, झगड़ना नहीं और पकड़ना नहीं’ इन तीन बातों को अपना लिया जाए तो अनेक दुखों से बचा जा सकता है।

प्रवचन में भगवान महावीर के संदेश का स्मरण कराते हुए कहा गया कि यदि क्रोध कषाय पर नियंत्रण पा लिया तो समझिए लाखों का चेक आपके नाम जमा हो गया। रामायण और महाभारत के प्रसंगों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इतिहास में हुए बड़े विनाश के पीछे केवल हथियार ही नहीं, बल्कि क्रोध और अधूरी-सुनी बातों ने भी बड़ी भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि मंथरा की बात सुनने से श्रीराम को वनवास हुआ, शूर्पणखा के प्रसंग से लंका का विनाश हुआ और शकुनि की बातों ने कुरुक्षेत्र के महाविनाश की भूमिका तैयार की। इन प्रसंगों से सीख मिलती है कि सुनी-सुनाई और कच्ची-पक्की बातों को आधार बनाकर रिश्तों में वैमनस्य नहीं बढ़ाना चाहिए।

कार्यक्रम में दो भाइयों के झगड़े पर आधारित लघु नाटिका का मंचन किया गया। इसमें क्षमावाणी के महत्व के साथ यह संदेश दिया गया कि क्रोध और वैमनस्य व्यक्ति के जीवन, स्वास्थ्य और रिश्तों को नुकसान पहुंचाते हैं। नाटिका ने उपस्थित समाजजनों को आत्मचिंतन और मन के विकारों को दूर करने का संदेश दिया।

विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ भाजपा नेता पंकज मेहता ने कहा कि क्षमा मांगना कमजोरी नहीं, बल्कि संस्कार और आत्मबल की पहचान है। क्षमा की भावना से रिश्तों में मिठास आती है और समाज में एकता मजबूत होती है। तपस्वियों ने कठिन साधना के माध्यम से समाज को त्याग और संयम का संदेश दिया है।

उन्होंने कहा कि क्षमावाणी का संदेश केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहना चाहिए। आपसी मतभेद और मनमुटाव छोड़कर प्रेम, सद्भाव और भाईचारे के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

समाज अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार लोढ़ा (केकड़ी वाले) ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि क्षमावाणी का पर्व सभी के लिए ऐसा अवसर है, जब पिछले वर्ष में जाने-अनजाने किसी के दिल को ठेस पहुंची हो तो उसके लिए क्षमा प्रार्थना की जाती है।

कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंकित जैन, प्रवीण जैन, सेवानिवृत्त अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भगवत सिंह हिंगड़, विपिन बापना, रेखा हिंगड़, ईश्वरलाल वया, लोकेंद्र डांगी, महेंद्र कांकरिया और बुद्धराज मुनोत सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे। महामंत्री डॉ. सुरेश कुमार दासोत ने आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन सुश्री जॉली भंडारी ने किया।

संस्था के प्रचार एवं संगठन मंत्री प्रदीप बरड़िया ने बताया कि कार्यक्रम में ममता गुणायचा, निर्मला भूरा, पिंकी बागरेचा, दीप्ती रंगावत, चंदा रांका, सिंपल बोहरा, स्वाती आंचलिया, ज्योति कांकरिया, खुशी पितलिया, अतुल धूपिया, कार्तिक धूपिया, गुंजन धूपिया, स्मिता मुथा, पंकज बागरेचा, नव्य आंचलिया, अमन श्री श्रीमाल गुणायचा, राहुल कोचेटा, मनय हिंगड़, रिखब कांकरिया, संगीता चोरडि़या, पंकज बोरदिया, संगीता धूपिया एवं मीनू धारीवाल सहित कुल 55 तपस्वियों का बहुमान किया गया।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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