Kota News:मामोर की झोपड़िया में नहीं आते शिक्षक: ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने शिक्षा अधिकारियों को फटकार लगाई, डेपुटेशन रद्द करने के दिए आदेश
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कनवास क्षेत्र के दौरे में ग्रामीणों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मामोर की झोपड़िया के शिक्षकों के डेपुटेशन निरस्त करने के निर्देश दिए। स्कूलों की जर्जर हालत और विकास कार्यों की लापरवाही पर अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी।

कोटा/कनवास, 11 नवम्बर।
कनवास क्षेत्र के ग्रामीणों की शिकायतें सुनने पहुंचे ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने मंगलवार को जनसंवाद के दौरान शिक्षा व्यवस्था की अनियमितताओं पर सख्त रुख अपनाया। मामोर की झोपड़िया में ग्रामीणों द्वारा शिक्षकों की लापरवाही और महीनों तक विद्यालय में उपस्थिति नहीं होने की शिकायत सामने आते ही मंत्री नागर ने मौके पर ही जिला शिक्षा अधिकारी को फोन कर सभी शिक्षकों के डेपुटेशन तुरंत निरस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे सभी शिक्षकों को उनके मूल नियुक्ति स्थल पर वापस भेजा जाए।
मंत्री नागर ने यह चेतावनी भी दी कि शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जिला कलेक्टर और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को भी इस संदर्भ में पत्र भेजने के निर्देश दिए।
ऊर्जा मंत्री ने अपने जनसंवाद के दौरान सारोला, मांडूहेड़ा, आजादपुरा, पानाहेड़ा, मामोर, मामोर की झोपड़ियां, कलमंडी, सालोनिया, टोल्या, टोस्या, लोढाहेड़ा, गंगापुर, गुंजारा, सामरिया, सिमलिया और कनवास सहित कई गांवों का दौरा किया। ग्रामीणों ने उनसे सड़क, नाली, और स्कूलों की बदहाल स्थिति को लेकर शिकायतें दर्ज कराईं। मंत्री ने अधिकांश मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को बुलाकर समाधान कराने के निर्देश दिए।
सरोला गांव में ग्रामीणों ने टूटी हुई नाले की दीवार और खेतों में भर रहे पानी की समस्या बताई। इस पर मंत्री नागर ने जिला परिषद के सीईओ को तत्काल फोन कर गुणवत्ता में कमी करने वाले ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी को सख्त निर्देश दिए कि भविष्य में इस प्रकार के कार्य नरेगा के बजाय टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से ही कराए जाएं।
जनसंवाद के दौरान मंत्री नागर ने मांडूहेड़ा और पानाहेड़ा के विद्यालयों का निरीक्षण भी किया, जहां विद्यालय भवनों की जर्जर स्थिति देखकर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। पानाहेड़ा विद्यालय में 2008 में भवन का निर्माण हुआ था और हाल ही में मरम्मत कार्य भी कराया गया था, लेकिन फर्श उखड़ा हुआ था, दीवारों में सीलन और कक्षा-कक्षों में बैठने की स्थिति नहीं थी। इस पर मंत्री नागर ने एडीपीसी आदित्य विजय को फोन कर क्षेत्र के सभी जर्जर विद्यालयों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने मांडूहेड़ा में नालियों में भरे कीचड़ और अव्यवस्था देखकर स्थानीय प्रशासन को फटकार लगाई और कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर का यह दौरा ग्रामीणों में उम्मीद की नई किरण लेकर आया। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि शिक्षा, सड़क और स्वच्छता से जुड़ी समस्याओं पर अब कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेह बनाना सरकार की प्राथमिकता होगी।
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