कोटा, 11 अक्टूबर।

राजस्थान सरकार के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के हालिया बयान को लेकर किसानों में रोष व्याप्त है। भारतीय राष्ट्रीय किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज दुबे ने मंत्री के इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि किसानों को “यूरिया ब्लैक करने वाला” बताना न केवल अन्नदाता का अपमान है, बल्कि यह भाजपा सरकार की नाकामी को छिपाने का प्रयास भी है।

मनोज दुबे ने कहा कि कृषि मंत्री का यह कहना कि “किसान यूरिया ब्लैक करता है” बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार स्वयं किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया और डीएपी खाद उपलब्ध कराने में विफल रही है। ऐसे में किसानों को दोषी ठहराना न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि किसान समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला भी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेशभर में किसानों को खाद के लिए लंबी कतारों में घंटों खड़ा रहना पड़ रहा है, बावजूद इसके उन्हें आवश्यक मात्रा में खाद नहीं मिल पा रही है। कई स्थानों पर किसानों को एक बैग खाद के लिए लाठियां तक खानी पड़ी हैं, फिर भी कृषि मंत्री किसानों को ही “बेईमान” बताकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।

किसान नेता ने कहा कि वास्तविकता यह है कि सरकार न तो किसानों को फसलों का उचित मूल्य दे पा रही है, न अतिवृष्टि से हुए नुकसान का मुआवजा, और न ही सिंचाई व बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करा पा रही है। इन सब विफलताओं पर पर्दा डालने के लिए किसानों को दोषी ठहराया जा रहा है, जो बेहद दुखद है।

मनोज दुबे ने तीखे शब्दों में कहा कि “किसान चोरी नहीं करता, वह देश का पेट भरता है। चोरी तो वे करते हैं जो सत्ता में बैठकर जनता को गुमराह करते हैं।” उन्होंने कहा कि किसानों के प्रति इस तरह की अमर्यादित भाषा का प्रयोग निंदनीय है और कृषि मंत्री को अपने बयान पर सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए।

किसानों के प्रतिनिधि संगठन ने सरकार से मांग की है कि प्रदेश में खाद की किल्लत दूर की जाए, किसानों को पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और उनके साथ हो रहे अपमान पर रोक लगाई जाए। अन्यथा यह असंतोष आने वाले दिनों में किसान आंदोलन का रूप ले सकता है।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story