Kota News: दूध की क्रांति के बाद अब 'सरस' बुझाएगा प्यास, कोटा-बूंदी दुग्ध संघ का बड़ा ऐलान, 14 नई समितियों के साथ बोर्ड में दो नए चेहरे शामिल
कोटा-बूंदी दुग्ध संघ की बोर्ड बैठक में चेयरमैन चैनसिंह राठौड़ ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए जल्द ही 'सरस जल' लॉन्च करने का ऐलान किया है। बैठक में रोशन लाल जाट और रासबिहारी सैन को नया संचालक नियुक्त किया गया, जिससे बोर्ड की ताकत 12 सदस्यों की हो गई है। साथ ही 14 नई दुग्ध समितियों के गठन से किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। जानिए प्रबंध निदेशक दिलखुश मीणा और अन्य सदस्यों की मौजूदगी में हुए 12 अहम फैसलों की पूरी जानकारी।

कोटा: हाड़ौती संभाग में श्वेत क्रांति के पर्याय बन चुके कोटा-बूंदी जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड ने अब एक नए क्षेत्र में कदम रखने की ऐतिहासिक तैयारी कर लिया है। शुक्रवार को सरस सभागार में आयोजित संघ की हाई-प्रोफाइल बोर्ड बैठक में कई दूरगामी निर्णय लिए गए, जिसमें सबसे प्रमुख घोषणा 'सरस जल' की लॉन्चिंग रही। चेयरमैन चैनसिंह राठौड़ की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में न केवल उपभोक्ताओं के लिए शुद्ध पेयजल की सौगात दी गई, बल्कि संगठन के ढांचे को मजबूत करते हुए नए संचालकों की नियुक्ति भी की गई। इस बैठक ने स्पष्ट कर दिया है कि सरस अब केवल दूध तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह ब्रांड अब आम जनता की प्यास बुझाने का भी जिम्मा उठाएगा।
बैठक का माहौल उस समय उत्साह से भर गया जब चेयरमैन चैनसिंह राठौड़ ने घोषणा की कि कोटा की जनता को जल्द ही शुद्ध एवं उच्च गुणवत्ता वाला पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि अत्याधुनिक शुद्धिकरण संयंत्रों से तैयार किए जाने वाले इस पानी को "सरस जल" ब्रांड नाम से बाजार में उतारा जाएगा। यह निर्णय न केवल संघ की आर्थिक प्रगति को गति देगा, बल्कि उपभोक्ताओं को एक भरोसेमंद ब्रांड का विकल्प भी प्रदान करेगा। प्रबंध निदेशक दिलखुश मीणा ने बैठक की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि आरसीडीएफ के प्रतिनिधि एवं संचालक मंडल के सदस्यों की मौजूदगी में कुल 12 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहन चर्चा हुई। इसमें संघ की भौतिक एवं आर्थिक प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ दुग्ध क्रय-विक्रय दरों की पुष्टि और रिक्त पदों पर सहवरण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी मुहर लगाई गई।
संगठन के विस्तार और लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूती प्रदान करते हुए बोर्ड ने सर्वसम्मति से दो नए संचालक सदस्यों की नियुक्ति की घोषणा की। जैसे ही बूंदी पंचायत समिति से रोशन लाल जाट और सुल्तानपुर पंचायत समिति से रासबिहारी सैन के नामों का प्रस्ताव रखा गया, पूरा सभागार करतल ध्वनि से गूंज उठा। सभी सदस्यों ने एक स्वर में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी, जिसके बाद नवनियुक्त संचालकों का फूल-मालाओं और साफा पहनाकर भव्य स्वागत किया गया। इन नियुक्तियों के साथ ही अब संचालक मंडल में सदस्यों की संख्या 10 से बढ़कर 12 हो गई है, जो संघ के बढ़ते दायरे का प्रतीक है। चेयरमैन राठौड़ ने जानकारी दी कि दुग्ध संकलन को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए कोटा एवं बूंदी जिले में 14 प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों को मान्यता प्रदान की गई है, जिससे ग्रामीण अंचल के किसानों की सहभागिता सीधे तौर पर बढ़ेगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रशासनिक और सहकारी क्षेत्र के कई दिग्गज एक मंच पर नजर आए। अतिरिक्त रजिस्ट्रार प्रतिनिधि अनिता पंवार और आरसीडीएफ प्रतिनिधि सुधांशु गुर्जर ने सरकारी पक्ष और नियमों के तहत मार्गदर्शन प्रदान किया। बैठक की गंभीरता और महत्व का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें गौरी शंकर, धनराज सैनी, जोधराज मीणा, बनवारी लाल नागर, माया किराड़, हरनाथ मीणा, रामेश्वर, फोरंता बाई एवं शैतान गुर्जर जैसे वरिष्ठ सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और अपने सुझाव रखे। अंत में, यह बैठक इस संकल्प के साथ समाप्त हुई कि आने वाले दिनों में कोटा-बूंदी दुग्ध संघ न केवल दुग्ध उत्पादन में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा, बल्कि 'सरस जल' के माध्यम से हर घर तक अपनी पहुंच और गहरी करेगा।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
