राजस्थान के कोटा स्थित किशोरपुरा गेट के प्राचीन नरसिंह मंदिर में भगवान विष्णु के चतुर्थ अवतार, भगवान नरसिंह का चार दिवसीय प्राकट्य उत्सव अपार श्रद्धा और अटूट भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। महोत्सव के दूसरे दिन मंदिर परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति की अविरल धारा से सराबोर रहा, जहाँ आयोजित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर विशेष रूप से महिलाओं द्वारा 'एक शाम नरसिंह भगवान के नाम' भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान की दिव्य स्तुति के साथ हुआ, जिसके पश्चात गरिमा शर्मा और खुशबू शर्मा ने अपनी सुमधुर वाणी में "मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है" तथा "नाचो गाओ सारे भक्त धूम मचाओ, नरसिंह जयंती का उत्सव मनाओ" जैसे भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। इन भजनों की लहरियों पर पांडाल में उपस्थित महिला श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमने पर विवश हो गईं। भजनों के माध्यम से प्रभु के रौद्र रूप और जगत के पालनहार स्वरूप का सजीव वर्णन किया गया। इस गौरवमयी आयोजन में रुक्मणी, अनीता वैष्णव, संतोष गुर्जर, चंद्र कंवर शर्मा, हेम कंवर और चंदा सेन सहित बड़ी संख्या में महिला भक्तों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए उत्सव के दूसरे दिन मंदिर में विशेष ध्वजा पूजन का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। पुजारी मयंक शर्मा के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ध्वजा का अभिषेक और विधि-विधान से पूजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए सबसे विशेष क्षण भगवान के 'मोर पंख' के दुर्लभ दर्शन रहे, जिन्हें देखकर भक्त भावुक और निहाल हो उठे। पूरा मंदिर परिसर भगवान नरसिंह के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान रहा। पुजारी मयंक शर्मा ने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि यह महोत्सव अगले दो दिनों तक पूरी भव्यता के साथ जारी रहेगा। महोत्सव के तीसरे दिन, 29 अप्रैल को भगवान का पंचामृत स्नान कराया जाएगा। उत्सव का मुख्य आकर्षण 30 अप्रैल को जन्मोत्सव के दिन दिखाई देगा, जब प्रातः 7 बजे भगवान का महाअभिषेक और 8 बजे से मनमोहक श्रृंगार किया जाएगा। इस दिन सुबह 11 बजे से भक्तों के लिए विशेष 'फूल बंगला' और 'मुखौटा दर्शन' खोले जाएंगे। दोपहर 12 बजे की आरती के पश्चात विशेष 'रक्षा कवच' का वितरण होगा और शाम 7 बजे 101 बत्तियों की महाआरती, छप्पन भोग व महाप्रसाद वितरण के साथ इस भव्य चतुर्दिवसीय महोत्सव का विधिवत समापन होगा।

Pratahkal Hub

Pratahkal Hub

प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"

Next Story