कोटा के कुन्हाड़ी स्थित रिद्धि-सिद्धि नगर के श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में इन दिनों भक्ति और श्रद्धा का एक अलौकिक संगम देखने को मिल रहा है। यहाँ आयोजित पाँच दिवसीय णमोकार महामंत्र जाप अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा लाखों की संख्या में महामंत्र का जाप किया जा रहा है, जिससे पूरा वातावरण मंत्रमय हो उठा है। विश्व शांति, जीव कल्याण और धर्म की प्रभावना के व्यापक संदेश के साथ शुरू हुआ यह आयोजन अब अपने तीसरे दिन में प्रवेश कर चुका है, जिसमें बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी भाग लेकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहे हैं।

यह अनुष्ठान परम पूज्य आचार्य श्री 108 विद्याभूषण सन्मति सागर जी महाराज की परम शिष्या एवं भारत गौरव गणिनी आर्यिका रत्न 105 श्री स्वस्ति भूषण माताजी के पावन सान्निध्य में संपन्न हो रहा है। 19 मई तक चलने वाले इस कार्यक्रम में प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु एकत्रित होकर सामूहिक रूप से णमोकार महामंत्र का जाप कर रहे हैं। अनुष्ठान के दौरान भक्तों में अभूतपूर्व उत्साह है और वे धार्मिक ऊर्जा का संचार करने वाली इस साधना में तल्लीन दिखाई दे रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान अपने दिव्य प्रवचनों में आर्यिका श्री स्वस्ति भूषण माताजी ने साधना के गूढ़ रहस्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मनुष्य की चिंताओं का वास्तविक समाधान केवल चिंतन में ही निहित है। माताजी ने मंत्र जाप की महत्ता को स्पष्ट करते हुए समझाया कि केवल शब्दों का उच्चारण पर्याप्त नहीं है, बल्कि मंत्र को भावपूर्ण और एकाग्रचित्त होकर आत्मसात करना अनिवार्य है। उन्होंने दृष्टांत देते हुए कहा कि जैसे चलती हुई बस में चढ़ना कठिन होता है, वैसे ही चंचल मन में मंत्र का प्रभाव स्थापित करना असंभव है। मन की स्थिरता ही साधना का प्रथम सोपान है, जिसके बिना जाप का पूर्ण फल प्राप्त नहीं हो सकता।

इस गरिमामयी आयोजन में सकल दिगंबर जैन समाज के अनेक गणमान्य व्यक्ति सम्मिलित हुए। इनमें प्रमुख रूप से अध्यक्ष राजेन्द्र गोधा, मंत्री पंकज खटोड, राजमल पाटोदी, महामंत्री पदम बड़ला, कार्याध्यक्ष पारस बज, कोषाध्यक्ष ताराचंद बड़ला सहित पारस कासलीवाल, जम्बू बज, तिलक पाटनी, संजय सांवला, पारस लुहाड़िया, नितेश खटोड़, टीकम पाटनी, सेवानिवृत्त न्यायाधीश जितेंद्र कुमार, अशोक सांवला, निर्मल अजमेरा, महावीर बड़ला, राजकुमार पाटनी, नरेंद्र कासलीवाल, अजीत गोधा, वर्धमान कासलीवाल, अनिल मित्तल, मनीष सेठी एवं संजय लुहाड़िया उपस्थित रहे। विश्व शांति के संकल्प के साथ शुरू हुआ यह अनुष्ठान न केवल समाज में धार्मिक चेतना जागृत कर रहा है, बल्कि श्रद्धालुओं को अंतर्मन की शांति और एकाग्रता का मार्ग भी दिखा रहा है।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

Next Story