कोटा नागरिक सहकारी बैंक की ओटीएस योजना का कार्यकाल तीन माह बढ़ा
बैंक की बोर्ड बैठक में वित्तीय परिणामों की समीक्षा के बाद ऋणधारकों को राहत देने के लिए ओटीएस योजना की अवधि 30 सितंबर तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

कोटा नागरिक सहकारी बैंक के प्रधान कार्यालय में अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला की अध्यक्षता में आयोजित बोर्ड बैठक में बैंक के पदाधिकारी और संचालक मंडल के सदस्य उपस्थित हैं।
कोटा नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड के प्रधान कार्यालय में आयोजित संचालक मण्डल एवं ऋण समिति की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों ने बैंक के भविष्य और ऋणधारकों की आर्थिक स्थिति को लेकर एक नई उम्मीद जगाई है। बैंक अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में वित्तीय सुधारों को गति देने और आम ग्राहकों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से कई रणनीतिक कदम उठाए गए। बैठक की गरिमा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें बैंक के प्रमुख पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में संचालक मंडल के सदस्यों ने भाग लिया और बैंक के आगामी वित्तीय लक्ष्यों की रूपरेखा तय की।
बैठक के दौरान प्रबंध संचालक बीना बैरवा ने बैंक के कामकाज की विस्तृत समीक्षा प्रस्तुत की, जिसमें सीआरआर एवं एसएलआर की अनुपालना, वित्तीय विवरण, एनपीए वसूली, सुरक्षा व्यवस्था और इंटर-ब्रांच रीकन्सिलिएशन जैसे कुल 22 बिंदुओं पर गहन मंथन किया गया। बैंक की सुदृढ़ होती वित्तीय स्थिति का प्रमाण इसी से मिलता है कि मार्च 2026 तक बैंक ने 3.82 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। वर्तमान में बैंक की कुल जमाएं 845.36 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई हैं, जबकि ऋण वितरण का आंकड़ा 381.66 करोड़ रुपये से अधिक दर्ज किया गया है। बैंक प्रशासन की प्रभावी कार्यशैली का ही परिणाम है कि इसका नेट एनपीए घटकर मात्र 1.98 प्रतिशत रह गया है, जो संस्था की वित्तीय मजबूती को दर्शाता है।
इस बैठक का सबसे चर्चित पहलू 'एकमुश्त ऋण समाधान योजना' (ओटीएस)-2025 का विस्तार रहा। अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला ने बताया कि पिछले तीन महीनों में यह योजना अत्यंत सफल सिद्ध हुई है, जिसके तहत पांच सदस्यों को 8.75 लाख रुपये की ब्याज राहत दी गई है। इसके अलावा, 21 नए सदस्यों का जुड़ाव और 1.33 करोड़ रुपये के ऋण वितरण ने बैंक की सक्रियता को सिद्ध किया है। जनहित को सर्वोपरि रखते हुए बोर्ड ने ओटीएस योजना की अवधि को तीन महीने और बढ़ाकर 30 सितंबर तक करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय बैंक के उन ऋणधारकों के लिए एक बड़ी राहत है जो इस योजना का लाभ उठाकर अपने आर्थिक दायित्वों से मुक्त होना चाहते हैं।
कोटा नागरिक सहकारी बैंक का यह कदम न केवल ऋणधारकों को बड़ी वित्तीय राहत देने वाला है, बल्कि बैंक की एनपीए रिकवरी और परिसंपत्ति प्रबंधन को भी नई दिशा देने वाला साबित होगा। बैठक में लिए गए इन दूरगामी फैसलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बैंक अपने ग्राहकों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और वित्तीय अनुशासन के साथ विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करने की राह पर अग्रसर है।

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