कोटा नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड, कोटा की संचालक मण्डल एवं ऋण समिति की बैठक रावतभाटा रोड स्थित प्रधान कार्यालय में बैंक अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में बैंक की वित्तीय स्थिति, ओटीएस योजना, एनपीए वसूली, ग्राहक सेवा और सुरक्षा व्यवस्था सहित कुल 22 एजेंडा बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा के बाद अनुमोदन प्रदान किया गया। अध्यक्ष ने बताया कि एकमुश्त ऋण समाधान योजना–2025 (संशोधित) के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और अधिक से अधिक ऋणधारकों को राहत देने के लिए इसकी अवधि अगले तीन माह, 30 सितम्बर तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

बैठक की जानकारी देते हुए प्रबंध संचालक बीना बैरवा ने बताया कि बैठक में सीआरआर एवं एसएलआर की अनुपालना, ओटीएस योजना, वित्तीय विवरण, एलएफएआर रिपोर्ट के अनुमोदन, जमाओं की समीक्षा, एनपीए वसूली, बैंक ग्राहक सेवा, बैंक के तलपट एवं आय-व्यय की समीक्षा, एनपीए ऋण, सुरक्षा व्यवस्था, इंटर-ब्रांच एवं बैंक रीकन्सिलिएशन, प्रतिभूति निवेश सहित कुल 22 बिंदुओं के एजेंडे पर विस्तार से विचार-विमर्श के बाद अनुमोदन किया गया।

बैठक में उपाध्यक्ष हेमराज सिंह हाडा, बोर्ड संचालक महेन्द्र कुमार शर्मा, सुरेश चंद्र काबरा, शैलेन्द्र ऋषि, महावीर सुवालका, अशोक मीणा, नंदलाल प्रजापति, तनिशा बादल, सहवर्तित संचालक नवनीत जाजू, प्रेम भाटिया तथा बोम अध्यक्ष ओम माहेश्वरी, जगदीश जिंदल, महेश अजमेरा, सदस्य सुरेन्द्र गोयल विचित्र एवं राजेन्द्र कुमार जैन उपस्थित रहे।

अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला ने बताया कि एकमुश्त ऋण समाधान योजना–2025 (संशोधित) के तहत पिछले तीन माह में पांच सदस्यों को 8.75 लाख रुपये की ऋण ब्याज राशि में राहत प्रदान की गई। इसी अवधि में 21 नए सदस्यों को सदस्यता दी गई तथा 16 सदस्यों को 1.33 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए। जनहित को ध्यान में रखते हुए संचालक मण्डल ने ओटीएस योजना की अवधि अगले तीन माह, 30 सितम्बर तक बढ़ाने का निर्णय लिया, ताकि अधिक से अधिक ऋणधारक इसका लाभ उठा सकें।

बैठक में मार्च 2026 तक की बैंक की वित्तीय स्थिति की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि बैंक का अंकेक्षण कार्य पूर्ण हो चुका है। बैंक की कुल जमाएं 845.36 करोड़ रुपये रहीं, जबकि ऋण वितरण 381.66 करोड़ रुपये से अधिक रहा। बैंक ने 3.82 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया। अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला ने बताया कि बैंक का नेट एनपीए घटकर 1.98 प्रतिशत रह गया है, जो बैंक की सुदृढ़ वित्तीय स्थिति और प्रभावी ऋण प्रबंधन का स्पष्ट संकेत है। बैठक में लिए गए निर्णयों से ऋणधारकों को राहत मिलने के साथ बैंक की वित्तीय मजबूती और ग्राहक हितों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Pratahkal Bureau

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