चरित्र निर्माण से दूर हो रही आधुनिक शिक्षा व्यवस्था: मुनि विवर्धन सागर ने बेटियों की भूमिका को बताया दो कुलों का सम्मान
कोटा के विज्ञान नगर स्थित दिगंबर जैन मंदिर में चातुर्मासिक प्रवचनमाला के दौरान मुनि श्री विवर्धन सागर ने आधुनिक शिक्षा व्यवस्था, चरित्र निर्माण और भारतीय संस्कृति में बेटियों की भूमिका पर महत्वपूर्ण विचार रखे। साथ ही आगामी धार्मिक आयोजनों की भी घोषणा की गई।

तस्वीर में बाएं से दाएं समाज की महिला सदस्य, अन्य पदाधिकारी और श्रद्धालु कोटा के विज्ञान नगर स्थित दिगंबर जैन मंदिर परिसर में धार्मिक आयोजन से संबंधित पोस्टर का विमोचन करते हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि मंच पर जैन मुनि विराजमान हैं।
कोटा के विज्ञान नगर स्थित दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित चातुर्मासिक प्रवचनमाला में जैन संत मुनि श्री विवर्धन सागर ने "परस्परोपग्रहो जीवानाम" के सिद्धांत की व्याख्या करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में बेटी केवल परिवार का सदस्य नहीं होती, बल्कि दो परिवारों के बीच प्रेम, संस्कार और समन्वय का सशक्त सेतु होती है। उन्होंने कहा कि बेटी नदी के दो तटों की तरह दोनों परिवारों का पोषण करती है तथा देहरी के दीपक की भांति दोनों कुलों को प्रकाशमान बनाती है।
प्रवचन के दौरान मुनि श्री विवर्धन सागर ने कहा कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में ज्ञान के साथ संस्कारों का समावेश लगातार कम होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्राचीन भारतीय गुरुकुल परंपरा, जहां शिक्षा का उद्देश्य चरित्र निर्माण और जीवन मूल्यों का विकास था, आज लगभग समाप्त होती जा रही है। उनके अनुसार आज की शिक्षा प्रणाली युवाओं को केवल रोजगार और नौकरी की ओर प्रेरित कर रही है, जबकि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य श्रेष्ठ नागरिक और संस्कारित समाज का निर्माण होना चाहिए।
महामंत्री अनिल ठौरा ने बताया कि कार्यक्रम का मंगलाचरण आशा अजमेरा ने किया, जबकि पाद-प्रक्षालन का पुण्यार्जन पदमजी एवं अनुजजी बाकलीवाल परिवार ने किया।
सकल दिगंबर जैन समाज, कोटा के अध्यक्ष प्रकाश बज ने आगामी धार्मिक आयोजनों की जानकारी देते हुए बताया कि 23 अगस्त को मुनि श्री विज्ञान नगर से विहार कर रिवर फ्रंट पर रात्रि विश्राम करेंगे। रिद्धि-सिद्धी मंदिर अध्यक्ष राजेन्द्र गोधा एवं पंकज खटोड ने बताया कि गुरु देव के सानिध्य में सकल दिगंबर जैन समाज के पदाधिकारियों ने पोस्टर का विमोचन किया। उन्होंने बताया कि 24 अगस्त को रिद्धि-सिद्धि नगर में मुनि श्री का भव्य मंगल प्रवेश होगा, जहां दीक्षार्थियों की बिनौली एवं गोद-भराई समारोह आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त 29 अगस्त को गुरु पूर्णिमा महोत्सव, 30 अगस्त को वीर शासन जयंती तथा 31 अगस्त को चातुर्मास कलश स्थापना का भव्य आयोजन किया जाएगा।
इस अवसर पर रिद्धि-सिद्धि नगर मंगल प्रवेश पत्रिका का भी विमोचन किया गया। विमोचन समारोह में राजू गोधा, पदम बड़ला, ताराचंद बड़ला, पारस जैन, पंकज खटौड़, जे.के. जैन, प्रकाश बज, विमल नाता, मनोज जैसवाल, आशीष जैन, राजमल पाटौदी तथा दीपक डीसीएम सहित समाज के अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
प्रवचन सभा में राजमल पाटौदी, पारस जैन, इंद्र कुमार जैन, बाबूलाल जैन, अनिल ठौरा, सीताराम जैन, देवेंद्र गंगवाल, अरविंद कुमार जैन, दिनेश धनोपिया तथा संजय गोधा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन अनिल जैन ठौरा ने किया। धार्मिक आयोजन के दौरान दिए गए संदेशों के साथ आगामी कार्यक्रमों की घोषणा ने समाज में व्यापक उत्साह का वातावरण बनाया।

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
