कोटा, 29 सितम्बर 2026 (मंगलवार, आश्विन कृष्ण 3, तीज)। पुण्योदय अतिशय क्षेत्र, नसियां जी, दादाबाड़ी में चातुर्मासरत मुनि श्री 108 प्रणवसागर जी महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य को सबसे पहले अपने विचारों पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि विचार ही व्यवहार बनते हैं और व्यवहार ही आगे चलकर चरित्र का निर्माण करता है। यदि जीवन को श्रेष्ठ बनाना है तो अपने विचारों और परिणामों को श्रेष्ठ बनाना होगा।

मुनिश्री ने कहा कि लोभ के वश में होकर मनुष्य अपना धन, समय और जीवन तक गंवा देता है। जीवन का सरल सिद्धांत है कि जो अपने लिए चाहते हो, वही दूसरों के लिए भी चाहो। जैसा बोओगे, वैसा ही फल प्राप्त होगा। बबूल का पेड़ बोकर आम के फल की अपेक्षा कैसे की जा सकती है?

उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्राणी सुख चाहता है, लेकिन आनंद, शांति और मोक्ष के वास्तविक मार्ग को छोड़ देता है। बाहरी सुख-सुविधाओं में उलझा इंसान पानी में प्यासी मछली की तरह है। कबीरदास जी के भाव को स्मरण कराते हुए उन्होंने कहा, “जल में मीन पियासी, मोहे देख-देख आवे हँसी।” सुख और शांति बाहर नहीं, बल्कि अपने भीतर हैं। संसार में डूबो मत, अपने भीतर डुबकी लगाओ। जब तक विषयों के प्रति राग-द्वेष की रंचमात्र भी पकड़ बनी रहेगी, तब तक आत्मानुभूति का निर्मल अनुभव नहीं हो सकता।

गुरु की महिमा बताते हुए मुनिश्री ने कहा कि गुरु वह है जो जीव को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। “फूल-सा कोमल, नीर-सा निर्मल और सूर्य जैसा उज्ज्वल” बनने की साधना गुरु सान्निध्य में ही सहज होती है। जीवन में सुधार के लिए कल का इंतजार न करें। पाप के संचय को रोकें और पूर्वकृत कर्मों की निर्जरा का पुरुषार्थ करें। जीवन का लक्ष्य केवल पुण्य का संचय करना नहीं, बल्कि पाप से बचते हुए आत्मकल्याण और मोक्षमार्ग की ओर बढ़ना होना चाहिए। प्रतिदिन स्वयं से पूछें कि आज मेरे विचार, व्यवहार और परिणाम किस दिशा में गए? यही आत्मनिरीक्षण जीवन को बदलने की शुरुआत है।

चातुर्मास मुख्य संयोजक हुकम जैन काका ने बताया कि श्रमण मुनिपुंगव श्री 108 सुधासागर जी महाराज का 44वां मुनि दीक्षा दिवस इंदौर (मध्य प्रदेश) के दलाल बाग में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। मुनिश्री के दर्शन और सान्निध्य के लिए कोटा से श्रद्धालुओं का एक विशाल काफिला जयकारों के साथ रवाना हुआ। इसमें 17 बसें, कई कारें और ट्रेनें शामिल थीं।

इस पावन प्रसंग पर मुख्य अतिथि अंकित जी जैन, विशिष्ट अतिथि नवनिर्वाचित पार्षद क्रांति जैन, अर्पित जैन, अजय कासलीवाल और पुण्योदय के अध्यक्ष जम्बू जैन सर्राफ सहित कई प्रतिष्ठित समाजश्रेष्ठी, जैन समाज के पदाधिकारी एवं राजनीतिक व सामाजिक क्षेत्रों के प्रमुख व्यक्ति सम्मिलित हुए।

इस भव्य समारोह के मंच का कुशल संचालन चाँदखेडी के कोषाध्यक्ष गोपाल जी वकील साहब ने किया। कार्यक्रम में अध्यक्ष सुधा सागर बालिका छात्रावास अर्चना सर्राफ, अशोक खादी, संजय दुगेरिया, अनुराग जैन, सुमित सेंकी, कविता आदि ने संयुक्त रूप से सहभागिता की।

प्रशासनिक मंत्री श्रीमती अर्चना जैन सर्राफ ने बताया कि धर्मसभा में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन एवं शास्त्र भेंट का सौभाग्य राजेश जी, श्रीमती अनिता जी, हिमांशु, डॉ. नेहा पाटोदी, भागचंद, चंद्र प्रकाश, संजय, अजय गिरनार, कबीर एवं समस्त जैन गोयल परिवार को मिला। कलश स्थापना का पुण्यार्जन भी श्रद्धालु परिवार द्वारा किया गया।

श्री सुमित सेंकी एवं श्री मनोज बगड़ा ने बताया कि आज की दिव्य शांतिधारा का पुण्यार्जन श्रीमान संजय, ईशान (जबलपुर), शान्ति लाल जी, सौरभ जी (आसाम), सुशीला, विवेक ठोरा व राजेंद्र, हुकम काका एवं प्रकाश हरसोरा परिवार द्वारा किया गया। श्री धर्मचंद धनोप्या ने बताया कि भक्तामर विधान का पुण्यार्जन महावीर आशीष बराना वाले श्रद्धालुओं द्वारा किया गया।

श्री सुनील माडिया ने बताया कि मुनि श्री योगसागर जी महाराज के आहारदान का पुण्यलाभ उपवास को प्राप्त हुआ। वहीं श्री दर्शन बरमुंडा ने बताया कि मुनि श्री प्रणवसागर जी महाराज के आहारदान का सौभाग्य हुकम अमित सोगानी परिवार को प्राप्त हुआ। मंगलाचरण का पुण्य अवसर भी श्रद्धाभावपूर्वक सम्पन्न हुआ।

धर्मसभा के समापन पर श्रद्धालुओं ने आचार्य श्री की पूजन-अर्चना, अर्घ्य समर्पण एवं जिनवाणी वंदना कर धर्मलाभ अर्जित किया। मुनि श्री प्रणवसागर जी महाराज के उपदेश में विचार, व्यवहार, आत्मनिरीक्षण और मोक्षमार्ग की साधना पर जोर दिया गया, वहीं मुनि श्री सुधासागर जी महाराज के 44वें मुनि दीक्षा दिवस के अवसर पर कोटा से इंदौर के लिए श्रद्धालुओं का विशाल संघ रवाना हुआ।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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