कोटा/सांगोद, 27 दिसम्बर।

सांगोद क्षेत्र के कुराड़िया खुर्द गांव में शुक्रवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर अचानक गांव की राता तलाई के निर्माण कार्य की जांच के लिए पहुंच गए। ग्रामीणों की शिकायत पर पहुंचे मंत्री नागर ने टॉर्च की रोशनी में तालाब का निरीक्षण किया और गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।

निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि बारिश के दिनों में ओवरफ्लो होने के बावजूद राता तलाई का पानी पूरी तरह खाली हो चुका है। जांच में पाया गया कि तालाब के नीचे से पानी रिस रहा है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने ठेकेदार पर अवैध खनन के आरोप भी लगाए।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मंत्री नागर ने मौके से ही जल संसाधन विभाग के एक्सईएन अनिल मीणा को फोन कर सख्त लहजे में जवाब-तलब किया। उन्होंने कहा कि जिस तालाब में पानी रुकना चाहिए था, वह नीचे से बहकर खाली हो गया, जो साफ तौर पर लापरवाही और खराब निर्माण का संकेत है।

काम की उचित मॉनिटरिंग न होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए मंत्री नागर ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने ठेकेदार की जांच कराने, जरूरत पड़ने पर उसे ब्लैकलिस्ट करने और रिटेंडर प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए। साथ ही सख्त शब्दों में कहा कि यदि जिम्मेदारों ने समय रहते सुधार नहीं किया तो निलंबन जैसी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

आधी रात हुए इस निरीक्षण ने न केवल विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया कि सार्वजनिक संसाधनों से जुड़े निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर की गई लापरवाही अब सीधे कार्रवाई को न्योता देगी।

Pratahkal Newsroom

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