कोटा मेडिकल कॉलेज प्रसूता मौत मामला: राखी गौतम ने राष्ट्रीय आयोगों में की शिकायत
कांग्रेस अध्यक्ष राखी गौतम ने प्रसूताओं की मौत और किडनी फेल होने के मामले में मानवाधिकार आयोग और WHO से निष्पक्ष जांच की मांग की है।

कोटा शहर जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष राखी गौतम, जिन्होंने मेडिकल कॉलेज में प्रसूताओं की मृत्यु के मामले में विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं में शिकायत दर्ज कराई है।
कोटा मेडिकल कॉलेज में प्रसूताओं की मौत और किडनी फेल होने के गंभीर मामले ने अब राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ लिया है। शहर जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष राखी गौतम ने राष्ट्रीय महिला आयोग, राज्य महिला आयोग, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राज्य मानवाधिकार आयोग तथा World Health Organization में शिकायत दर्ज कराते हुए पूरे प्रकरण में तत्काल हस्तक्षेप और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
राखी गौतम ने शिकायत में कहा कि 4 मई 2026 से अब तक तीन प्रसूताओं की मौत हो चुकी है, जबकि कई प्रसूताएं किडनी फेल होने के कारण जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला सीधे तौर पर आपराधिक लापरवाही का है और अस्पताल प्रशासन ने गंभीर संवेदनहीनता दिखाई है।
उन्होंने कहा कि मृतका पायल का पोस्टमार्टम तक नहीं कराया गया और परिजनों पर दबाव बनाकर शव घर भेज दिया गया। गौतम के अनुसार यदि समय रहते जांच करवाई जाती तो अन्य माताओं की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज और जे.के. लोन अस्पताल दोनों में समान लक्षणों के साथ प्रसूताओं की किडनी फेल होना इस बात की ओर संकेत करता है कि इलाज में इस्तेमाल की गई दवाइयां नकली, एक्सपायरी या गुणवत्ताहीन हो सकती हैं।
राखी गौतम ने यह भी आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल, अस्पताल अधीक्षक और ओटी इंचार्ज को स्थानीय भाजपा नेतृत्व का संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण अब तक किसी बड़े अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि सरकार केवल छोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाकर मामले में लीपापोती कर रही है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण में राजनीतिक संरक्षण की आशंका भी जताई।
शिकायत में कांग्रेस ने मांग की है कि स्वतंत्र जांच दल गठित कर दवाइयों की गुणवत्ता, ऑपरेशन थिएटर की स्थिति और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच करवाई जाए। साथ ही दोषियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने और पीड़ित परिवारों को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग भी उठाई गई है।
राखी गौतम ने बताया कि शिकायत पत्र के साथ दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों की कटिंग भी संलग्न की गई है। कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट किया है कि पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा। कोटा मेडिकल कॉलेज का यह मामला अब स्वास्थ्य व्यवस्था, प्रशासनिक जवाबदेही और राजनीतिक संरक्षण जैसे सवालों के केंद्र में आ गया है।

Pratahkal Bureau
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