विज्ञान नगर स्थित माहेश्वरी भवन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह का सात दिवसीय आयोजन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के बीच विधिवत संपन्न हो गया। समापन दिवस पर कथा व्यास आचार्य ऋतुराज गौतम ने द्वारिका लीलाओं, सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष, श्रीशुकदेव पूजन तथा पूर्णाहुति प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

उन्होंने सुदामा चरित्र के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की निष्काम मित्रता का संदेश देते हुए कहा कि सच्ची श्रद्धा और समर्पण से ईश्वर की कृपा सहज रूप से प्राप्त होती है। कथा में प्रस्तुत प्रसंगों ने धर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।

कथा श्रवण के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति रस में डूबकर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की। मुख्य यजमान भगवानदास माहेश्वरी एवं रमेश माहेश्वरी ने आयोजन की जानकारी देते हुए बताया कि कथा में अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा पश्चिमांचल के उपसभापति एवं माहेश्वरी समाज के अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला सहित राजस्थान प्रादेशिक माहेश्वरी सभा के प्रदेश अध्यक्ष महेश चन्द अजमेरा तथा समाज के अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

समापन अवसर पर श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की आकर्षक झांकी ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। पूर्णाहुति एवं हवन के साथ कथा का विधिवत समापन किया गया। इसके पश्चात भगवानदास माहेश्वरी, रमेश माहेश्वरी, घनश्याम माहेश्वरी, सत्यनारायण माहेश्वरी, स्वप्निल माहेश्वरी एवं आशीष मंडोरा सहित श्रद्धालुओं ने महाआरती कर प्रसाद वितरण किया। अंत में बड़ी संख्या में उपस्थित भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्ति और आस्था से सराबोर हो उठा।

यह सात दिवसीय कथा महोत्सव श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक एकता का महत्वपूर्ण माध्यम बनकर संपन्न हुआ।

Pratahkal Bureau

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