कोटा के महावीर दिगंबर जैन मंदिर में गूंजे भक्तामर के स्वर, श्रुत पंचमी महोत्सव में उमड़ी आस्था
कोटा के महावीर दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित श्रुत पंचमी महोत्सव के दूसरे दिन भक्तामर विधान और भावपूर्ण भजन संध्या ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। जानिए कैसे धर्म और भक्ति के इस समागम ने जिनालय के वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

कोटा के महावीर दिगंबर जैन मंदिर में श्रुत पंचमी महोत्सव के दौरान भक्तामर विधान में भाग लेते श्रद्धालु और धर्मसभा में उपस्थित समाजजन।
कोटा के तलवंडी स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय श्रुत पंचमी महोत्सव का दूसरा दिन भक्ति, श्रद्धा और धर्मानुराग का अनुपम संगम बनकर उभरा। भक्तामर विधान के पावन अनुष्ठान और सुप्रसिद्ध भजन गायक की सुमधुर प्रस्तुतियों ने जिनालय के वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत कर दिया। महोत्सव में श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति ने जैन संस्कृति के प्रति समाज की गहरी निष्ठा और आस्था को पुनः रेखांकित किया।
महोत्सव के दूसरे दिन गुरुवार का शुभारंभ मंगलाचरण, प्रथम अभिषेक और शांतिधारा के साथ अत्यंत श्रद्धापूर्वक किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भक्तामर विधान में सम्मिलित होकर भगवान आदिनाथ के दिव्य गुणों का स्मरण किया और विश्व शांति व आत्मिक कल्याण के लिए मंगलकामनाएं कीं। विधान के दौरान सौधर्म इंद्र परिवार के रूप में राजेश, किरण, रक्षिता और सर्वज्ञ मंगलम परिवार ने जिम्मेदारी संभाली, जबकि द्रव्य पुण्यर्जक के रूप में निहाल, राहुल और रोहित धनोप्या परिवार की सहभागिता रही। इसी क्रम में धर्मनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक मनाते हुए अशोक और मंजू पहाड़िया परिवार द्वारा निर्वाण लाडू समर्पित किया गया।
इस आध्यात्मिक आयोजन को मुनि श्री 108 निरोग सागर जी, मुनि श्री 108 निर्मोह सागर जी, मुनि श्री 108 निरामय सागर जी और मुनि श्री 108 निर्भीक सागर जी महाराज का पावन सान्निध्य प्राप्त हुआ। धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री 108 निर्मोह सागर जी महाराज ने भक्तामर स्तोत्र की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसके प्रत्येक काव्य में सम्यक दर्शन और आत्मकल्याण का संदेश छिपा है। उन्होंने कहा कि श्रद्धापूर्वक किया गया यह विधान न केवल आत्मशक्ति को जागृत करता है, बल्कि कर्मों की निर्जरा का मार्ग भी प्रशस्त करता है।
सायंकाल आयोजित भजन संध्या महोत्सव का मुख्य आकर्षण रही। जबलपुर के प्रसिद्ध गायक विनोद भैया ने प्रभु भक्ति, गुरु महिमा और जैन संस्कृति के भजनों के माध्यम से ऐसा समां बांधा कि पूरा प्रांगण भक्ति रस में डूब गया। देर रात तक चले इन भजनों की स्वर लहरियों पर श्रद्धालु झूमते रहे और जिनालय गुरु एवं प्रभु के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। इस कार्यक्रम में अशोक पहाड़िया, महामंत्री प्रकाश सामरिया, जे.के. जैन, उपेंद्र जैन, राजकुमार लुहाड़िया, रविन्द्र जैन, मनोज जैसवाल, संजय निर्वाण, अनिल जैन और अरविंद जैन सहित समाज के प्रबुद्धजन एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। अध्यक्ष अशोक पहाड़िया ने बताया कि इस त्रिदिवसीय महोत्सव का समापन शुक्रवार, 19 जून को श्रुत स्कंध विधान, पूजन, मंगल प्रवचन, आचार्य भक्ति और महाआरती के साथ होगा।

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
