कोटा के महावीर नगर प्रथम स्थित सफेद जैन मंदिर में परम पूज्य गणिनी आर्यिका रत्न श्री विशुद्धमति माताजी एवं उनकी सुयोग्य शिष्या पट्ट गणिनी आर्यिका श्री विज्ञमति माताजी के पावन सान्निध्य में श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान समूचा वातावरण भक्तिमय रहा और श्रद्धालुओं ने बड़े उत्साह के साथ कार्यक्रमों में सहभागिता की।

विधान के अंतर्गत धार्मिक अनुष्ठान और महायज्ञ

अध्यक्ष गुलाबचंद लुहाड़िया ने बताया कि विधान के अंतर्गत शांतिधारा के पश्चात नित्य नियम पूजन, प्रवचन, हवन एवं विश्व शांति महायज्ञ का विधिवत आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने पूर्ण श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना कर आत्मकल्याण एवं विश्व शांति की कामना की। आर्यिका श्री विज्ञमति माताजी ने अपने प्रवचन में सिद्धचक्र महामंडल की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि "सम्यक दर्शन व्यक्ति को महान बनाता है।" उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि "जैसे छोटा-सा बीज उचित पोषण पाकर विशाल वृक्ष बनता है, उसी प्रकार विधान रूपी सम्यक बीज यदि प्रतिदिन अभिषेक, पूजन एवं आराधना से सिंचित हो तो आत्मिक उन्नति सुनिश्चित होती है।" माताजी ने यह भी जोड़ा कि "प्रतिदिन भगवान का अभिषेक-पूजन करने वाला साधक निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर होता है और उसका जीवन उत्तरोत्तर उन्नति प्राप्त करता है।"

भव्य शोभायात्रा और इंद्र-इंद्राणी स्वरूप

कार्याध्यक्ष जीवनधर सोगानी के अनुसार आयोजित शोभायात्रा में श्रीजी को सुसज्जित रथ में विराजमान किया गया। श्रद्धालुओं ने रथ को अपने हाथों से खींचकर पुण्यार्जन किया। शोभायात्रा में आर्यिका संघ का सान्निध्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। मंत्री मिलापचंद अजमेरा ने बताया कि शोभायात्रा में बग्गियों में विराजमान आठ दिवसीय उपवासधारी श्रद्धालु तथा इंद्र-इंद्राणी स्वरूपों की सहभागिता ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की। कार्यक्रम का सफल संचालन आकाश भैया एवं अक्षत भैया के निर्देशन में हुआ।

समाज के पदाधिकारियों और पुण्यशालियों का योगदान

पूर्व अध्यक्ष इंद्रमल गोधा ने जानकारी दी कि माताजी का पाद प्रक्षालन सकल दिगंबर जैन समाज के कार्याध्यक्ष मनोज जैसवाल एवं मुकेश लुहाड़िया द्वारा किया गया। कार्याध्यक्ष निर्मल लुहाड़िया ने बताया कि श्रीजी को रथ में विराजमान करने का सौभाग्य सुरेश पहाड़िया एवं शैलेश गोधा को प्राप्त हुआ, जबकि अजय रापड़िया एवं अनिल सौरभ रावत ने शांतिधारा संपन्न कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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