कोटा। महावीर नगर प्रथम स्थित सफेद जैन मंदिर में अष्ठाहनिका महापर्व के अंतर्गत आयोजित श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान में श्रद्धालुओं ने 32 अर्घ्य समर्पित कर श्री सिद्ध भगवान की भक्ति-भाव से आराधना की। यह भव्य धार्मिक कार्यक्रम परम पूज्य भारत गौरव, सर्वाधिक दीक्षा प्रदात्री गणिनी आर्यिका 105 श्री विशुद्धमति माताजी एवं संघस्था पट्ट गणिनी आर्यिका 105 श्री विज्ञमति माताजी ससंघ के पावन सानिध्य में संपन्न हुआ।

आर्यिका श्री विज्ञमति माताजी का मंगल प्रवचन

महेश पाटनी ने बताया कि आर्यिका श्री विज्ञमति माताजी ने अपने प्रवचन में श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि "समयसार का अध्ययन करना सरल है, किंतु उसके सिद्धांतों को जीवन में आत्मसात करना अत्यंत कठिन है। पूजा के समय यदि उपकरण और द्रव्य शुद्ध होंगे, तभी भावों में निर्मलता आएगी और सच्ची आराधना संभव हो सकेगी।"

पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट का सौभाग्य

समाज अध्यक्ष गुलाबचन्द लुहाड़िया ने जानकारी दी कि पूज्य आर्यिका श्री विशुद्धमति माताजी के पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य जीवनधर सोगानी, सुनयना सोगानी, जम्बू, मोनिका (किट्टी), अविनाश, कोमल, डॉ. अंशुल एवं प्रीति सोगानी को प्राप्त हुआ। मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण के बीच श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ प्राप्त किया और विधान की क्रियाओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इन्द्र स्वरूप श्रद्धालुओं द्वारा अर्घ्य समर्पण

कार्याध्यक्ष जीवनधर सोगानी के अनुसार विधान में इन्द्र स्वरूप के रूप में गुलाबचन्द लुहाड़िया, इन्द्रमल गोधा, धनराज लुहाड़िया, महावीर लुहाड़िया, विमल धानोत्या, मुकेश लुहाड़िया, ज्ञानचन्द दोसी, कमला देवी सोनी एवं सुनयना सोगानी ने प्रमुख रूप से अर्घ्य समर्पित किए। मंत्री मिलापचन्द अजमेरा ने बताया कि अन्य इन्द्रों में नरेन्द्र गोधा, शैलेश गोधा, महेन्द्र लुहाड़िया, धर्मचन्द लुहाड़िया, महेश पाटनी, राकेश गोधा, चेतन पापड़ीवाल, पारस लुहाड़िया, पारस झांझरी, महेन्द्र बाकलीवाल, विनोद बाकलीवाल, ललित पाटनी, भूपेन्द्र जैसवाल, रामचन्द्र अग्रवाल, राजेन्द्र जैन एवं भागचन्द लुहाड़िया सहित समाज के अनेक गणमान्य महिला-पुरुष उपस्थित रहे।

विधि-विधान और कुशल निर्देशन

यह विधान प्रतिष्ठाचार्य आकाश भैयाजी एवं अक्षत भैयाजी के निर्देशन में श्रद्धा एवं विधि-विधान के साथ संचालित हो रहा है। समस्त आयोजन के दौरान जैन समाज के लोगों ने श्री सिद्ध भगवान की भक्ति में लीन होकर पुण्य अर्जन किया।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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