कोटा। एलबीएस ग्रुप (एलबीएस स्कूल) के वार्षिकोत्सव ‘एलबीएस फाउंडेशन महोत्सव’ का दो दिवसीय आयोजन रविवार 22 मार्च से रानपुर स्थित रीको इंस्टीट्यूशनल एरिया परिसर में सायं 6:30 बजे भव्य रूप से प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम में शिक्षा, संस्कार और सांस्कृतिक प्रतिभा का संगम देखने को मिला। विद्यालय ही विश्वविद्यालय की आधारशिला होते हैं, यह विचार मुख्य अतिथि राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. निमित रंजन चौधरी ने व्यक्त किए।

भव्य शुभारंभ और अतिथियों का स्वागत

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसमें मुख्य अतिथि राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. निमित रंजन चौधरी एवं अध्यक्षता कर रहीं कोटा विश्वविद्यालय की पर्यटन एवं आतिथ्य विभागाध्यक्ष डॉ. अनुकृति शर्मा, चैयरमेन कुलदीप माथुर सहित संस्था पदाधिकारियों ने मां सरस्वती की वंदना की। अतिथियों का पारंपरिक राजस्थानी पगड़ी, तिलक व स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर केक काटकर एवं गुब्बारे हवा में छोड़कर अपनी प्रसन्नता को व्यक्त किया गया। इस विशिष्ट अवसर पर उर्मिला माथुर, सुदर्शन माथुर सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

35 वर्षों का संघर्ष और भविष्य का संकल्प

संस्था के चेयरमैन कुलदीप माथुर ने अपने स्वागत भाषण में एलबीएस ग्रुप की 35 वर्षों की संघर्षपूर्ण एवं उपलब्धियों से भरी यात्रा को साझा किया। उन्होंने बताया कि स्व. सुरेन्द्र माथुर ने वर्ष 1991 में इस संस्थान की नींव रखी थी, जो आज एक मजबूत शैक्षणिक समूह के रूप में स्थापित है। उन्होंने आगामी वर्षों की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए सामाजिक सरोकारों के तहत दिव्यांग बच्चों के लिए निशुल्क विद्यालय संचालन की जानकारी दी, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

शिक्षा और गुणवत्ता पर विशेषज्ञों के विचार

मुख्य अतिथि प्रो. निमित चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि "विद्यालय ही विश्वविद्यालय की आधारशिला होते हैं। विद्यार्थियों पर अनावश्यक दबाव डालने के बजाय उन्हें खुलकर अपनी प्रतिभा विकसित करने का अवसर मिलना चाहिए।" वहीं डॉ. अनुकृति शर्मा ने एलबीएस ग्रुप की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि "यहाँ शिक्षकों और विद्यार्थियों की गुणवत्ता ही संस्था की निरंतर उन्नति का आधार है।" उन्होंने अनुभवी नेतृत्व और युवा सोच के समन्वय को सफलता का सूत्र बताया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

निदेशक सुदर्शन माथुर व डायरेक्टर योगेंद्र माथुर ने बताया कि कार्यक्रम का आगाज महिषासुर मर्दिनी वंदना से हुआ। इसके बाद विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में बॉलीवुड थीम डांस, युगल नृत्य, गणगौर नृत्य, पंजाबी भांगड़ा, योगा नृत्य, शिव स्तुति, महिला सशक्तिकरण आधारित प्रस्तुति सहित अनेक रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। महोत्सव का दूसरा दिन भी विविध कार्यक्रमों के साथ आयोजित किया जाएगा, जिसमें 23 मार्च को यूनिवर्सिटी ऑफ कोटा के कुलगुरु प्रो. डॉ. भगवती प्रसाद सारस्वत मुख्य अतिथि होंगे एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता विंग कमाण्डर एनसीसी डॉ. अनुराग पाण्डेय करेंगे।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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