कोटा: स्वर्गीय चेतना चौहान के मरणोपरांत नेत्रदान से दो लोगों को मिलेगी रोशनी
किशोरपुरा ईदगाह निवासी 75 वर्षीय चेतना चौहान के निधन के बाद परिजनों की सहमति से EBSR ने नेत्रदान संपन्न कराया।

तस्वीर में पीले रंग का दुपट्टा ओढ़े एक बुजुर्ग महिला का चित्र दिख रहा है।
कोटा। किशोरपुरा ईदगाह निवासी स्वर्गीय चेतना चौहान, धर्मपत्नी स्वर्गीय ठाकुर श्याम सिंह चौहान के मरणोपरांत मंगलवार को नेत्रदान करवाया गया। आई बैंक सोसाइटी ऑफ राजस्थान (ईबीएसआर) के माध्यम से नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी की गई। स्वर्गीय चेतना चौहान के नेत्रों से दो लोगों के जीवन में रोशनी आने की उम्मीद है।
ईबीएसआर के अध्यक्ष के.के. कंजोलिया ने बताया कि स्वर्गीय चेतना चौहान के निधन की सूचना मिलने के बाद ईबीएसआर के ज्योति मित्र डॉ. अमित सिंह राठौड़ के माध्यम से नेत्रदान की व्यवस्था की गई। डॉ. राठौड़ ने बताया कि चेतना चौहान के दामाद विजय सिंह हाड़ा एवं पुत्र महेंद्र सिंह चौहान की सहमति से ईबीएसआर के टेक्नीशियन टिंकू ओझा ने पहुंचकर नेत्रदान की प्रक्रिया संपन्न करवाई।
दामाद विजय सिंह हाड़ा ने बताया कि चेतना चौहान हृदय संबंधी बीमारी से जूझ रही थीं। उपचार के बाद स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने के कारण उनका निधन हो गया। उन्होंने जीवन के 75 बसंत पूर्ण किए। उनके परिवार में एक पुत्र एवं दो पुत्रियां हैं।
मरणोपरांत नेत्रदान की प्रक्रिया के माध्यम से स्वर्गीय चेतना चौहान के नेत्र सुरक्षित किए गए, जिससे दो लोगों के जीवन में रोशनी आने का मार्ग प्रशस्त हुआ।

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
