किन्नर समाज ने दिवंगत मंगलमुखी किन्नरों के लिए किया तर्पण, आत्मशांति की प्रार्थना
कोटा के रोटेदा रोड स्थित गुरु धाम कॉलोनी में कर्मयोगी सेवा संस्थान द्वारा आयोजित 27वें वार्षिक श्राद्ध तर्पण कार्यक्रम में किन्नर समाज ने दिवंगत मंगलमुखी आत्माओं की मुक्ति के लिए विधि-विधान से तर्पण किया।

कोटा की गुरु धाम कॉलोनी में कर्मयोगी सेवा संस्थान द्वारा आयोजित श्राद्ध तर्पण कार्यक्रम के दौरान किन्नर समाज के प्रतिनिधियों ने दिवंगत मंगलमुखी आत्माओं की शांति के लिए पारंपरिक विधि-विधान से प्रार्थना की।
कोटा, 8 अक्टूबर। कर्मयोगी सेवा संस्थान की ओर से रोटेदा रोड स्थित गुरु धाम कॉलोनी में आयोजित 27वें वार्षिक 16 दिवसीय श्राद्ध तर्पण कार्यक्रम के तहत तेरस का श्राद्ध देश के दिवंगत मंगलमुखी किन्नरों की आत्मशांति के लिए समर्पित किया गया। इस अवसर पर किन्नर समाज के प्रतिनिधियों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ तर्पण कर दिवंगत आत्माओं की शांति और मोक्ष के लिए प्रार्थना की।
संस्थान के संस्थापक राजाराम जैन ‘कर्मयोगी’ एवं अध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि विशेष आयोजन में नैना देवी मंगलमुखी किन्नर समूह की जिया, सोबी, काजल और नानू सहित अन्य सदस्यों को आमंत्रित किया गया था। किन्नर समाज की आमंत्रित सदस्यों ने पूरे विधि-विधान के साथ मंत्रोच्चार के बीच दिवंगत मंगलमुखी आत्माओं की शांति और मोक्ष के लिए श्राद्ध तर्पण किया।
कार्यक्रम के दौरान कर्मयोगी सेवा संस्थान के पदाधिकारियों एवं अतिथियों ने समाज में सेवा और मंगल कामना का प्रतीक माने जाने वाले किन्नर समाज का अभिनंदन किया। संस्थापक राजाराम जैन कर्मयोगी, अध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा, नीलम शर्मा, हेमंत सिंह, कुसुम सिंह, धर्मपाल सिंह, नीलम सिंह, कमल सिंह सोलंकी एवं नंद कंवर हाड़ा ने किन्नरों को साफा बांधकर, दुपट्टा उड़ाकर एवं माल्यार्पण कर सम्मानित किया।
सम्मान के बाद आमंत्रित किन्नर समाज की सदस्यों ने संस्था के प्रांगण में गरीबों, असहायों एवं ब्राह्मणों को श्रद्धापूर्वक खीर, पूरी और सब्जी का भोजन कराया। इसके बाद उन्होंने उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
संस्थान के संस्थापक राजाराम जैन कर्मयोगी ने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि चतुर्दशी तिथि का श्राद्ध मानवीय भूलों, प्राकृतिक आपदाओं और त्रासदियों का शिकार हुई दिवंगत आत्माओं के साथ विशेष रूप से कोरोना महामारी के दौरान जान गंवाने वाले लोगों की आत्मशांति के लिए समर्पित रहेगा।
वहीं, 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के अवसर पर भूली-बिसरी आत्माओं की शांति के लिए तर्पण किया जाएगा। आर्थिक अभाव के कारण जो परिवार अपने दिवंगत परिजनों का श्राद्ध-तर्पण नहीं कर पाते हैं, उन सभी की आत्माओं की शांति के लिए भी विशेष प्रार्थना की जाएगी।
10 अक्टूबर को ही शाम 5 बजे से 7 बजे तक विशाल आम भंडारे यानी महाप्रसादी का आयोजन होगा। इसके बाद शाम 7 बजे ‘ओम शांति’ महामंत्र के दिव्य जाप के साथ भव्य दीपदान कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसी के साथ कर्मयोगी सेवा संस्थान के 16 दिवसीय वार्षिक श्राद्ध श्रद्धांजलि तर्पण आयोजन का गरिमामय समापन होगा।

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
