कोटा: किन्नर समाज ने नैना देवी और सामाजिक संगठन के खिलाफ खोला मोर्चा
परंपराओं में हस्तक्षेप और नेक की राशि सीमित करने के प्रस्ताव पर जताई आपत्ति, जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपने की चेतावनी।

कोटा में प्रेस वार्ता के दौरान अपनी परंपराओं की रक्षा के लिए एकजुट किन्नर समाज के प्रतिनिधि। (बाएं से दाएं: तारा देवी राजपुरोहित, इंदु बाई, रीना दीदी, मनीषा बाई और शेफाली बाई)
शहर में किन्नर समाज ने एक सामाजिक संगठन और नैना देवी किन्नर के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए प्रेस वार्ता कर तीखा विरोध दर्ज कराया है। किन्नर समाज का कहना है कि कुछ दिन पूर्व नैना देवी किन्नर द्वारा एक सामाजिक संगठन के साथ बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें यह कहकर किन्नरों को आमंत्रित किया गया था कि इसमें पुलिस प्रशासन एवं जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहेंगे, लेकिन मौके पर कोई भी प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित नहीं था।
किन्नर समाज ने आरोप लगाया कि इस बैठक में झूठ बोलकर समाज के सदस्यों को बुलाया गया तथा उनकी परंपराओं और कार्यप्रणाली पर कई प्रकार की पाबंदियां लगाने संबंधी प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें जजमानों के घर तय समय पर जाने, पहले फोन कर सूचना देने तथा शुभ अवसरों पर जजमानों द्वारा दिए जाने वाले “नेक” की राशि को सीमित करने जैसे निर्णय शामिल बताए गए, जिनका समाज ने कड़ा विरोध किया है।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि किन्नर समाज की हजारों वर्षों पुरानी परंपराओं में किसी भी अन्य सामाजिक संगठन को हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। आरोप लगाया गया कि नैना देवी किन्नर दूसरे सामाजिक संगठन के साथ मिलकर निजी स्वार्थ सिद्ध करने का प्रयास कर रही हैं।
कोटा किन्नर समाज ने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा। समाज ने यह भी कहा कि यह ऐसा मामला है जो केवल कोटा शहर में सामने आया है, जहां किसी बाहरी संगठन द्वारा किन्नर समाज की परंपराओं और कार्यों पर रोक लगाने का प्रयास किया गया हो।
इसी बीच किन्नर समाज ने समाज कल्याण विभाग को भी ज्ञापन सौंपा, जिस पर विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किन्नर समाज की जो परंपराएं, प्रथाएं और संस्कृति वर्षों से चली आ रही हैं, उन्हें कोई भी संगठन न तो बदल सकता है और न ही उनमें हस्तक्षेप कर सकता है।
प्रेस वार्ता में कोटा जिला प्रमुख तारा देवी राजपुरोहित किन्नर, इंदु बाई किन्नर, रीना दीदी किन्नर, मनीषा बाई किन्नर, शेफाली बाई किन्नर सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। पूरे घटनाक्रम ने शहर में सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर नई बहस को जन्म दे दिया है, जबकि किन्नर समाज ने अपने अधिकारों और परंपराओं की रक्षा के लिए संघर्ष तेज करने के संकेत दिए हैं।

Pratahkal Bureau
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