कोटा किडनी फाउंडेशन ने लगाया अंगदान जागरूकता और मुफ्त जांच शिविर
श्रीनाथपुरम स्टेडियम में आयोजित शिविर में 300 लोगों ने कराई स्वास्थ्य जांच, विधायक संदीप शर्मा ने दिलाई अंगदान की शपथ।

कोटा के श्रीनाथपुरम स्टेडियम में आयोजित शिविर में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए पोस्टर के साथ शामिल एक बालिका।
अंगदान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और किडनी रोगों की प्रारंभिक पहचान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कोटा किडनी फाउंडेशन द्वारा रविवार को श्रीनाथपुरम स्टेडियम, कोटा में अंगदान जागरूकता एवं निःशुल्क किडनी स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 300 लोगों ने भाग लेकर अपनी स्वास्थ्य जांच करवाई तथा अंगदान एवं किडनी स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में डी.एम.ई. की अतिरिक्त निदेशक एवं मानव अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण की समुचित अधिकारी डॉ. रश्मि गुप्ता उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजकीय मेडिकल कॉलेज, कोटा के प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक, वरिष्ठ आचार्य यूरोलॉजी विभाग तथा किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. निलेश कुमार जैन ने की।
शिविर में किडनी से संबंधित विभिन्न निःशुल्क जांचें की गईं। इनमें रक्तचाप, ब्लड शुगर, HbA1c, लिपिड प्रोफाइल, थायरॉयड जांच के साथ विशेष रूप से एल्बुमिन क्रिएटिनिन रेशियो (UACR) जांच तथा सीरम क्रिएटिनिन जांच शामिल रहीं। UACR जांच किडनी रोग की प्रारंभिक अवस्था की पहचान में सहायक है, जबकि सीरम क्रिएटिनिन जांच किडनी की फिल्टर करने की क्षमता अर्थात GFR की जानकारी प्रदान करती है। इसके साथ ही प्रतिभागियों को किडनी स्वास्थ्य संबंधी परामर्श भी दिया गया।
विधायक संदीप शर्मा ने उपस्थित लोगों को अंगदान की शपथ दिलाई और कहा कि अंगदान के माध्यम से कई लोगों को नया जीवन मिल सकता है। उन्होंने कहा कि समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना समय की आवश्यकता है तथा इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विशिष्ट अतिथि डॉ. रश्मि गुप्ता ने अंगदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चिकित्सा विज्ञान में ब्रेन डेथ को मृत्यु माना जाता है, लेकिन ऐसे व्यक्ति के अंगदान से लगभग आठ लोगों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने लोगों से अंगदान के प्रति सकारात्मक सोच अपनाने और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. निलेश कुमार जैन ने कहा कि किडनी रोगों की समय पर पहचान अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि कई बार यह रोग प्रारंभिक अवस्था में बिना विशेष लक्षणों के भी बढ़ता रहता है। उन्होंने कहा कि नियमित जांच, ब्लड प्रेशर और शुगर का नियंत्रण, संतुलित जीवनशैली तथा समय पर विशेषज्ञ परामर्श किडनी को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने अंगदान को मानवता की सर्वोच्च सेवा बताते हुए अधिक से अधिक लोगों को इसके लिए जागरूक होने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मेडिकल कॉलेज कोटा के नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्ष, डीएम नेफ्रोलॉजिस्ट एवं कोटा किडनी फाउंडेशन के निदेशक डॉ. विकास खंडेलिया ने किडनी रोगों से बचाव, समय पर जांच और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिन लोगों की आयु 50 वर्ष से अधिक है, जिन्हें शुगर या उच्च रक्तचाप की समस्या है, जो नियमित रूप से दर्द की दवाएं लेते हैं, जिनके शरीर में सूजन आती है अथवा जो मोटापे से ग्रस्त हैं, उन्हें नियमित रूप से क्रिएटिनिन, यूरिन प्रोटीन और रक्तचाप की जांच करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि संतुलित आहार, पर्याप्त पानी का सेवन, ब्लड प्रेशर और शुगर का नियंत्रण तथा अनावश्यक दर्द निवारक दवाओं के सेवन से बचाव किडनी को स्वस्थ रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
शिविर के दौरान किडनी स्वास्थ्य विषयक क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों से किडनी स्वास्थ्य से जुड़े प्रश्न पूछे गए। सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया। जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कोटा किडनी फाउंडेशन ने अपनी वेबसाइट www.kotakidneyfoundation.com पर ऑनलाइन क्विज भी शुरू किया है। फाउंडेशन ने स्पष्ट किया कि इस क्विज का उद्देश्य पुरस्कार वितरण नहीं, बल्कि आमजन में किडनी स्वास्थ्य और अंगदान के प्रति जागरूकता का विस्तार करना है। ऑनलाइन क्विज के विजेताओं के नाम प्रत्येक माह के प्रथम गुरुवार को घोषित किए जाएंगे।
कार्यक्रम में कोटा किडनी फाउंडेशन के सदस्यों तथा किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट से जुड़े राकेश जैन, अरविंद शर्मा, दीपिका अवस्थी, रिचा सिंह, धीरज जैन सहित अन्य सदस्यों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
कोटा किडनी फाउंडेशन ने बताया कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य किडनी रोगों की प्रारंभिक पहचान, नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति लोगों को प्रेरित करना तथा अंगदान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना है। शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने स्वास्थ्य जांच के साथ अंगदान और किडनी स्वास्थ्य संबंधी उपयोगी जानकारी प्राप्त की, जिससे समाज में स्वास्थ्य जागरूकता और अंगदान के प्रति सकारात्मक संदेश प्रसारित हुआ।

Pratahkal Bureau
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