कोटा में किडनी फेलियर से पीड़ित प्रसूताओं के मामले पर मनोज दुबे ने सरकार से ट्रांसप्लांट की मांग उठाई
कोटा में किडनी फेलियर से पीड़ित प्रसूताओं के मामले पर कांग्रेस नेता मनोज दुबे ने सरकार से ट्रांसप्लांट और बेहतर इलाज की मांग की।

तस्वीर में कांग्रेस नेता मनोज दुबे मुख्यमंत्री को पत्र सौंपते हुए दिखाई दे रहे हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनोज दुबे ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर राजस्थान सरकार से किडनी फेलियर से पीड़ित प्रसूताओं की किडनी ट्रांसप्लांट करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कोटा मेडिकल कॉलेज में भर्ती पीड़ित महिलाओं का यह कहना कि "किडनी ट्रांसप्लांट कराओ या इच्छामृत्यु दे दो" राजस्थान सरकार के लिए बेहद शर्मनाक स्थिति है।
मनोज दुबे ने कहा कि जब मरीज इलाज की जगह इच्छामृत्यु मांगने लगें तो यह स्पष्ट प्रमाण है कि राजस्थान की चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो चुकी है। उन्होंने कहा कि पीड़ित प्रसूताओं को अब तक न्याय नहीं मिलना प्रदेश की भाजपा सरकार और स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर की संवेदनहीनता का सबसे बड़ा प्रमाण है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्थान में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है। मरीजों को समय पर डायलिसिस तक नहीं मिल रहा, इलाज के लिए उन्हें दर-दर भटकना पड़ रहा है और उनकी पीड़ा असहनीय हो चुकी है। ऐसे हालात में भाजपा सरकार केवल बयानबाज़ी और लीपापोती में व्यस्त है।
मनोज दुबे ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री को प्रदेश में लगातार हो रही चिकित्सा अव्यवस्थाओं, मातृ मृत्यु, अस्पतालों की बदहाली और मरीजों की मौतों पर जवाबदेही निभानी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने हर बार अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास किया और गैर-जिम्मेदाराना बयान देने में व्यस्त रहे।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन भाजपा सरकार के कुशासन में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल हो चुकी है। कोटा, बीकानेर, नागौर, जोधपुर, भीलवाड़ा एवं बांसवाड़ा में पिछले एक महीने में करीब 20 प्रसूताओं की मौत और अन्य जिलों से भी लगातार गंभीर मामले सामने आ रहे हैं।
मनोज दुबे ने कहा कि जिन महिलाओं की जान बचनी चाहिए थी, वे आज डायलिसिस पर हैं। पीड़ित परिवार दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं और इलाज के स्थान पर इच्छामृत्यु मांग रहे हैं, जो घोर निंदनीय एवं बेहद शर्मनाक है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात इस स्तर पर पहुंच गए हैं कि मरीज स्वयं इच्छामृत्यु की मांग करने को मजबूर हैं। राजस्थान सरकार को ऐसे सभी मामलों का रिव्यू लेकर किडनी फेलियर से पीड़ित सभी मरीजों को तत्काल नियमित डायलिसिस और आवश्यक उपचार उपलब्ध करवाना चाहिए। साथ ही जरूरतमंद मरीजों की किडनी ट्रांसप्लांट की समुचित एवं त्वरित व्यवस्था करनी चाहिए।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
