कोटा: KEDL के खिलाफ जांच कमिटी को सौंपे गए बिजली चोरी और गबन के सबूत
समाजसेवी हिम्मत सिंह ने जांच कमिटी को 80 लाख यूनिट बिजली चोरी के दस्तावेज सौंपकर कंपनी का एग्रीमेंट रद्द करने की मांग की।

कोटा में बिजली व्यवस्था संभाल रही KEDL कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। गुरुवार 8 मई को जेवीवीएनएल नयापुरा मुख्य अभियंता कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान जयपुर से आई जांच कमिटी के समक्ष समाजसेवी हिम्मत सिंह ने कंपनी के खिलाफ पुख्ता दस्तावेज और सबूत पेश किए। बैठक के दौरान हिम्मत सिंह द्वारा सौंपे गए दस्तावेजों को देखकर जांच कमिटी भी दंग रह गई।
हिम्मत सिंह ने कमिटी को बताया कि KEDL कंपनी पर 80 लाख यूनिट बिजली चोरी और गबन का मामला दर्ज है तथा वर्ष 2020 में इस संबंध में मुकदमा भी दर्ज हुआ था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एग्रीमेंट की शर्तों में स्पष्ट रूप से उल्लंघन होने पर कंपनी को टर्मिनेट करने का प्रावधान है, तो अब तक कंपनी को हटाया क्यों नहीं गया।
बैठक के दौरान हिम्मत सिंह ने जांच कमिटी से कहा कि हर बार जांच कमिटी गठित होती है, लेकिन कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि यदि सरकार और अधिकारी वास्तव में गंभीर हैं तो उनके पास और भी सबूत मौजूद हैं, जिन्हें वे सौंपने को तैयार हैं। इस पर जांच कमिटी के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वे इसी उद्देश्य से कोटा आए हैं और अब किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होगी। अधिकारियों ने कहा कि प्रस्तुत किए गए दस्तावेज और सबूतों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
हिम्मत सिंह ने कमिटी को बताया कि हजारों उपभोक्ताओं ने KEDL की लापरवाही, लगातार बढ़ते बिजली बिलों और बड़े वीसीआर को लेकर शिकायतें दर्ज कराई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व और वर्तमान सरकारों के स्तर पर गबन और धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज होने तथा कई बार जांच कमिटी गठित होने के बावजूद कंपनी को क्लीन चिट मिलती रही।
जांच कमिटी के अधिकारियों ने माना कि प्रस्तुत मामला गंभीर और बड़ा है। अधिकारियों ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच की जाएगी और कार्रवाई की जानकारी भी दी जाएगी। वहीं हिम्मत सिंह ने स्पष्ट कहा कि अब केवल जांच नहीं बल्कि सीधे कंपनी को टर्मिनेट कर हटाया जाना चाहिए और कोटा में पुनः जेवीवीएनएल की सेवाएं बहाल की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों से जांच का सिलसिला चल रहा है, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
हिम्मत सिंह ने बताया कि वे लगातार बिजली विभाग की सीएमडी आरती डोगरा, लोकसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री सहित उच्च स्तर पर KEDL को हटाने की मांग उठाते रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2018, 2019, 2021 और 2025 में भी ज्ञापनों के साथ पुख्ता सबूत संबंधित अधिकारियों को सौंपे थे। गुरुवार को वही दस्तावेज जांच कमिटी को भी उपलब्ध कराए गए।
इस पूरे घटनाक्रम ने कोटा की बिजली व्यवस्था और KEDL कंपनी की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब नजर जांच कमिटी की कार्रवाई और सरकार के अगले कदम पर टिकी है।

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
