राजस्थान के कोटा शहर में निजी बिजली फ्रेंचाइजी कंपनी केईडीएल (KEDL) की कार्यप्रणाली को लेकर लंबे समय से उठ रहे आक्रोश और अनियमितताओं के गंभीर आरोपों पर राज्य सरकार ने अब निर्णायक प्रहार किया है। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों का कड़ा संज्ञान लेते हुए राजस्थान सरकार के ऊर्जा विभाग ने एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है, जो शुक्रवार से दो दिवसीय दौरे पर कोटा में रहकर कंपनी की विभिन्न गतिविधियों की बारीकी से पड़ताल करेगी।

राजस्थान ऊर्जा विकास एवं आईटी सर्विसेज लिमिटेड (RUVITL) द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों के तहत इस शक्तिशाली जांच समिति की कमान RUVITL के निदेशक (वित्त) डीके जैन को सौंपी गई है। समिति के अन्य महत्वपूर्ण सदस्यों में राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (RVPNL) के निदेशक (संचालन), RUVITL के अधीक्षण अभियंता तथा जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JVVNL) के अधिशाषी अभियंता (IA) शामिल हैं। यह उच्चाधिकार प्राप्त दल ऊर्जा विभाग के उन विशिष्ट निर्देशों पर कार्यवाही कर रहा है, जो विशेष रूप से केईडीएल की संदिग्ध गतिविधियों और वित्तीय विसंगतियों की जांच के लिए जारी किए गए थे।

समिति के अध्यक्ष डीके जैन द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, जांच दल 8 और 9 मई को कोटा के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रहेगा। इस दौरान समिति न केवल केईडीएल के कार्यालयों और भंडारों (स्टोर) का भौतिक निरीक्षण करेगी, बल्कि जेवीवीएनएल के स्टोर और ACOS कार्यालयों के रिकॉर्ड की भी गहनता से जांच की जाएगी।

उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान हेतु नयापुरा पावर हाउस स्थित संभागीय मुख्य अभियंता कार्यालय में एक विशेष जनसुनवाई शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शुक्रवार को दोपहर 12 से 1 बजे तक और शनिवार को सुबह 11 से शाम 4 बजे तक चलने वाले इस शिविर में आमजन सीधे समिति के समक्ष उपस्थित होकर केईडीएल की तानाशाही और भ्रष्टाचार के विरुद्ध अपनी आवाज उठा सकेंगे। उपभोक्ता मुख्य रूप से अत्यधिक और त्रुटिपूर्ण बिजली बिल, मीटर संबंधी तकनीकी खामियां, विद्युत आपूर्ति में निरंतर बाधा, नए कनेक्शनों में जानबूझकर की जा रही देरी, गंभीर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित साक्ष्य और लिखित शिकायतें समिति को सौंप सकेंगे।

जांच को सुचारू बनाने के लिए अध्यक्ष डीके जैन ने जेवीवीएनएल कोटा के क्षेत्रीय मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता (O&M) को समस्त रिकॉर्ड और स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। इस संबंध में कंपनी के उपाध्यक्ष अरुणभा साहा को भी आधिकारिक तौर पर सूचित कर दिया गया है। संभागीय मुख्य अभियंता ने शहरवासियों से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है ताकि निजी कंपनी की मनमानी पर लगाम कसी जा सके। सरकार की यह त्वरित कार्यवाही न केवल केईडीएल के भविष्य को तय करेगी, बल्कि बिजली क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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