कोटा। “ज्ञापन पर ज्ञापन दिए जा रहे हैं, लेकिन जनता की समस्याओं का समाधान आज भी अधूरा है। कोटा की आम जनता आज भी KEDL की अव्यवस्थाओं से परेशान होकर घंटों लाइनों में खड़ी रहने को मजबूर है।” यह गंभीर आक्रोश शहर जिला कांग्रेस कमेटी सहकारिता प्रकोष्ठ द्वारा ऊर्जा विभाग जांच समिति जयपुर को सौंपे गए एक शिकायत पत्र के बाद भी धरातल पर कोई सुधार न होने पर व्यक्त किया गया है। कोटा शहर में आमजन की बिजली समस्याओं, अधिकारियों की मनमानी और कोटा इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (KEDL) की चरमराती व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ मोर्चा खोल दिया गया है।

शहर जिला कांग्रेस कमेटी सहकारिता प्रकोष्ठ द्वारा पूर्व में ऊर्जा विभाग जांच समिति जयपुर को ज्ञापन सौंपकर आमजन की बिजली से जुड़ी गंभीर शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। इस ज्ञापन के माध्यम से स्पष्ट रूप से मांग की गई थी कि कोटा शहर की पीड़ित जनता को तत्काल राहत देने के लिए प्रत्येक कार्यालय में फाइल जमा करने की सुविधा पुनः शुरू की जाए, सभी संबंधित अधिकारियों के मोबाइल नंबर सार्वजनिक किए जाएं और उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित व समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।

परंतु दुखद और चिंताजनक स्थिति यह है कि इस प्रशासनिक कवायद और ज्ञापन के बाद भी धरातल पर हालात जस के तस बने हुए हैं। कोटा शहर में KEDL के लगभग 10 से 15 अलग-अलग कार्यालय संचालित होने के बावजूद, पूरे शहर की जनता को अपनी समस्याओं के निवारण के लिए महज एक ही शिकायत केंद्र पर चक्कर काटने के लिए मजबूर किया जा रहा है। वर्तमान में जारी भीषण गर्मी के दौर में, जब तापमान 40 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है, वहां आम नागरिक, महिलाएं, बुजुर्ग और मजदूर वर्ग के लोग बुनियादी बिजली सुधार कार्यों के लिए घंटों लंबी-लंबी लाइनों में खड़े रहने को विवश हैं।

पीड़ित जनता का सीधा आरोप है कि शिकायत केंद्र पर कभी “सर्वर डाउन” होने का बहाना बनाया जाता है तो कभी “कागजों की कमी” का हवाला देकर लोगों को बार-बार चक्कर लगवाकर परेशान किया जा रहा है। भीषण तपन के बीच घंटों इंतजार करने के बाद भी कई बुजुर्गों, महिलाओं और दैनिक मजदूरों को बिना किसी समाधान के खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है। पूर्व में KEDL द्वारा हर स्थानीय ऑफिस में फाइल जमा करने की सुचारू व्यवस्था लागू थी, जिससे नागरिकों को बड़ी राहत मिलती थी, लेकिन वर्तमान में KEDL प्रबंधन द्वारा इस व्यवस्था को पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिसने जनता की परेशानियों में बेतहाशा बढ़ोतरी कर दी है।

इस पूरे घटनाक्रम और व्याप्त अव्यवस्थाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए शहर जिला कांग्रेस कमेटी सहकारिता प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष विजय पंडित ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर जल्द ही आमजन की इन गंभीर बिजली समस्याओं का स्थाई समाधान नहीं किया गया, तो वे जनता के साथ मिलकर एक व्यापक और बड़ा जनआंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे। जिला अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि इस संभावित जनआंदोलन और उसके विपरीत परिणामों की पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन तथा KEDL प्रबंधन की होगी। जनता समय पर अपने बिजली बिलों का भुगतान कर रही है, लेकिन बदले में उन्हें आवश्यक सुविधाएं मिलने के बजाय सिर्फ मानसिक और शारीरिक परेशानियां मिल रही हैं, जो अब कतई बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।

Pratahkal Newsroom

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