कोटा। देश की सबसे प्रतिष्ठित और सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा 'जेईई-मेन' के जनवरी सत्र का शंखनाद आज से होने जा रहा है, जिसको लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने कड़े निर्देश और एडवाइजरी जारी कर दी है। शिक्षा की नगरी कोटा सहित देश-विदेश के सैकड़ों केंद्रों पर लाखों विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर होगा। इस बार परीक्षा के नियम इतने सख्त हैं कि मोबाइल में डिजिटल आईडी दिखाना या जूते का मोटा सोल पहनना भी परीक्षार्थियों को भारी पड़ सकता है। एनटीए ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना मूल पहचान पत्र (ओरिजिनल आईडी प्रूफ) के किसी भी सूरत में प्रवेश नहीं दिया जाएगा, जिससे परीक्षा केंद्रों पर गहमागहमी और कड़ाई का माहौल रहने की उम्मीद है।

इस विशाल परीक्षा आयोजन की बारीकियों को लेकर एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के कॅरियर काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि परीक्षा के पहले सत्र के लिए देशभर में 14.10 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है, जो अपने आप में एक बड़ा आंकड़ा है। बीई-बीटेक के लिए यह परीक्षा आगामी पांच दिनों तक 10 अलग-अलग पालियों में आयोजित की जाएगी। कुल 323 शहरों में फैले परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और पारदर्शिता के ऐसे इंतजाम किए गए हैं कि परिंदा भी पर न मार सके। अमित आहूजा के अनुसार, एनटीए ने परीक्षार्थियों के लिए रिपोर्टिंग समय को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं और परीक्षा शुरू होने से ठीक आधा घंटा पहले मुख्य प्रवेश द्वार पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे, जिसके बाद किसी भी देरी को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

परीक्षा की सुचिता बनाए रखने के लिए इस बार तकनीकी और भौतिक जांच के दोहरे स्तर रखे गए हैं। प्रत्येक विद्यार्थी को अपने प्रवेश पत्र के साथ एक 'सेल्फ डिक्लेरेशन' प्रारूप ले जाना अनिवार्य है, जिस पर बाएं हाथ के अंगूठे का निशान और फोटो पहले से लगा होना चाहिए, हालांकि हस्ताक्षर केवल परीक्षा हॉल में निरीक्षक के सामने ही करने होंगे। अमित आहूजा ने चेताया है कि मोबाइल में रखी गई आईडी की फोटो या उसकी फोटोकॉपी को वैध नहीं माना जाएगा। विद्यार्थियों को पारदर्शी पेन, अपनी फोटो और पानी की बोतल के साथ केवल मूल आधार कार्ड या सरकारी आईडी ही साथ रखनी होगी। सुरक्षा के लिहाज से इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, कैलकुलेटर, ज्वेलरी, और यहां तक कि बड़े बटन वाले कपड़े और मोटे सोल के जूतों पर भी पाबंदी लगा दी गई है।

विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए नियम और भी कड़े हैं जिन्होंने आवेदन के समय आधार कार्ड का उपयोग नहीं किया था। अमित आहूजा ने स्पष्ट किया कि ऐसे 'नॉन आधार कैंडिडेट' को एक विशेष डिक्लेरेशन फॉर्म भरकर परीक्षा केंद्र पर एनटीए को-ऑर्डिनेटर से सत्यापित करवाना होगा और उन्हें सामान्य समय से एक घंटा पहले पहुंचना अनिवार्य होगा। परीक्षा के दौरान भी हर बायो-ब्रेक पर बायोमेट्रिक और मेटल डिटेक्टर से जांच की जाएगी। परीक्षा के समापन पर अपनी रफ शीट और प्रवेश पत्र को नियत स्थान पर जमा करना अनिवार्य होगा, क्योंकि ऐसा न करने पर अभ्यर्थी का परिणाम रोका जा सकता है। यह परीक्षा मात्र एक प्रवेश द्वार नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के सपनों की कसौटी है, जहां अनुशासन ही सफलता की पहली सीढ़ी साबित होगा।

Pratahkal Newsroom

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