कोटा। इंजीनियरिंग के सपनों को पंख लगाने वाली देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा, जेईई मेन-जनवरी 2026 का बिगुल बुधवार को बज गया। देश के कोचिंग हब कोटा समेत देश भर के केंद्रों पर भविष्य के इंजीनियरों ने अपनी मेधा का परिचय दिया। परीक्षा के पहले दिन का मिजाज मिला-जुला रहा, जहां रसायन विज्ञान और भौतिकी ने विद्यार्थियों को राहत दी, वहीं गणित की लंबी गणनाओं ने उनके पसीने छुड़ा दिए। देश की अग्रणी शिक्षण संस्थान एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक डाॅ. बृजेश माहेश्वरी ने छात्रों से मिले फीडबैक के आधार पर इस महापरीक्षा का सूक्ष्म विश्लेषण प्रस्तुत किया है। उन्होंने बताया कि पहले दिन की सुबह की पारी जहां संतुलित रही, वहीं शाम की पारी ने चुनौतियों का स्तर बढ़ा दिया।

परीक्षा का आगाज कंप्यूटर बेस्ड मोड पर पूरी तरह निर्बाध रहा और विद्यार्थियों को किसी भी तकनीकी अड़चन का सामना नहीं करना पड़ा। डॉ. माहेश्वरी के अनुसार, सुबह की पारी के पेपर को कठिनाई के स्तर पर 5 में से 3 रेटिंग दी जा सकती है। हालांकि पेपर का पैटर्न पिछले वर्षों की तरह ही रहा, जिसमें स्टेटमेंट, मैचिंग लिस्ट और न्यूमेरिकल वैल्यू आधारित प्रश्नों का समावेश था, लेकिन शाम की पारी का पेपर सुबह के मुकाबले कहीं अधिक कठिन दर्ज किया गया, जिसे विशेषज्ञों ने 5 में से 4 रेटिंग दी है।

विषयवार विश्लेषण की बात करें तो रसायन विज्ञान में एनसीईआरटी का दबदबा कायम रहा। सुबह की पारी में 11वीं कक्षा से 52 प्रतिशत और 12वीं से 48 प्रतिशत प्रश्न पूछे गए। साॅल्ट एनालिसिस, कैमिकल बाॅनिं्डग और माॅल कंसेप्ट जैसे विषयों ने परीक्षार्थियों की वैचारिक स्पष्टता की परीक्षा ली। शाम की पारी में गणनाओं की जटिलता के कारण फिजिकल केमिस्ट्री का पलड़ा भारी रहा, जिससे छात्रों को समय प्रबंधन में मशक्कत करनी पड़ी।

भौतिकी के क्षेत्र में भी संतुलन साधने की कोशिश की गई। इलेक्ट्रोडायनेमिक्स और मैकेनिक्स जैसे महत्वपूर्ण खंडों से प्रश्न पूछे गए, जबकि मॉडर्न फिजिक्स और सेमीकंडक्टर ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सुबह की पारी में सिलेबस का विभाजन आधा-आधा रहा, जबकि शाम की पारी तुलनात्मक रूप से आसान महसूस की गई। लेकिन गणित ने अपनी साख के अनुरूप छात्रों को सबसे ज्यादा छकाया। दोनों पारियों में गणित का पेपर न केवल कठिन था बल्कि काफी लेंदी भी रहा। विशेष रूप से 12वीं कक्षा के सिलेबस से 64 प्रतिशत प्रश्न पूछे जाने के कारण कैलकुलस और वेक्टर थ्री-डी जैसे विषयों ने छात्रों की गति धीमी कर दी। डॉ. माहेश्वरी का यह विश्लेषण आने वाले दिनों में परीक्षा देने वाले लाखों अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण रोडमैप साबित होगा, जिससे वे अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे सकेंगे।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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