कोटा, 26 मई। जवाहर नगर स्थित श्री राम मंदिर में आयोजित श्रीमद् शिवमहापुराण कथा के पंचम दिवस पर भगवान शिव एवं माता पार्वती का दिव्य विवाह उत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। विवाह के इस पावन प्रसंग ने समूचे वातावरण को भक्तिमय बना दिया, जिससे कथा स्थल 'हर-हर महादेव' के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस अलौकिक दृश्य के साक्षी बने।

कथा व्यास परम पूज्य श्री शिवदास जी महाराज ने माता पार्वती की कठोर तपस्या, मेना चरित्र एवं शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य मिलन प्रेम, त्याग, समर्पण एवं सनातन संस्कारों की सर्वोच्च प्रेरणा है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करने से जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

इस अवसर पर भगवान नर्मदेश्वर महादेव की प्रतिमा को विवाह स्वरूप आकर्षक श्रृंगार से सुसज्जित कर उत्सव मनाया गया। कथा के दौरान भजनों की मधुर प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया, वहीं उपस्थित भक्तों ने महादेव का पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। पंचम दिवस की मुख्य विशेषता महादेव को अर्पित किया गया देसी घी के मालपुए एवं ठंडी लस्सी का विशेष भोग रही, जिसे बाद में प्रसादी स्वरूप श्रद्धालुओं में वितरित किया गया। शिव बारात एवं विवाह उत्सव में शामिल भक्त पूरे आयोजन के दौरान भक्ति और उल्लास में डूबे नजर आए।

आयोजन की गरिमा बढ़ाते हुए आज की पूजा के मुख्य यजमान स्वर्गीय बृज मोहन ललिता माहेश्वरी, कमलेश सावित्री माहेश्वरी, भगवान, प्रवीण एवं नवीन माहेश्वरी (सारोला वाले), जवाहर नगर रहे। आयोजन समिति की महिला अध्यक्ष निर्मला गौतम ने बताया कि कथा में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भारी संख्या पहुंच रही है और वे धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं। सनातन धर्म की संस्कृति को जीवंत करता यह आयोजन आस्था के केंद्र में रहा।

Next Story