कोटा: जवाहर नगर पंचबालयती मंदिर का 18वां स्थापना दिवस संपन्न
वर्ष 2008 में स्थापित मंदिर में पंचबालयती विधान और वात्सल्य भोज का आयोजन हुआ, 48 दीपों की महाआरती से क्षेत्र भक्तिमय रहा।

शिक्षा नगरी के जवाहर नगर स्थित पंचबालयती मंदिर में शुक्रवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का त्रिवेणी संगम देखने को मिला, जहाँ मंदिर का 18वां स्थापना दिवस पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्यतापूर्वक मनाया गया। वर्ष 2008 में प्रतिष्ठित हुए इस देवालय में विराजमान पंचबालयती तीर्थंकरों की प्रतिमाओं के समक्ष आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों ने संपूर्ण क्षेत्र को धर्ममय कर दिया। आयोजन का मुख्य आकर्षण संध्या काल में 48 दीपकों से की गई भव्य महाआरती रही, जिसकी दिव्य आभा से मंदिर परिसर जगमगा उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 7 बजे मंदिर परिसर में वेदमंत्रों के बीच सभी तीर्थंकर प्रतिमाओं के विधि-विधान पूर्वक अभिषेक के साथ हुआ। अध्यक्ष सोहन लाल बड़जात्या के सानिध्य में आयोजित इस अभिषेक प्रक्रिया में मंदिर समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने पूर्ण गरिमा और भक्तिभाव के साथ सहभागिता की। इसके पश्चात मंत्री महावीर जैन पाटोदी के निर्देशन में ‘पंच बालयती विधान’ का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं और सौभाग्यवती दंपतियों ने श्रीफल अर्पित कर अर्घ समर्पित किए और लोक कल्याण की मंगलकामना की।
दोपहर के सत्र में समाज की एकता और परस्पर प्रेम के प्रतीक ‘वात्सल्य भोज’ का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में जैन समाज के प्रबुद्धजनों ने सम्मिलित होकर धर्म लाभ लिया। उत्सव की पूर्णता रात्रि में दीप प्रज्वलन और महाआरती के साथ हुई। इस महोत्सव के सफल संचालन में मंदिर समिति के अध्यक्ष सोहन लाल बड़जात्या, मंत्री महावीर जैन पाटोदी, कोषाध्यक्ष विनय गोधा सहित अरुण पहाड़िया, विनय शाह, शांति लाल, पारस, नरेंद्र, नितेश जैन, विनीत, कमल, आशीष जैन एवं अन्य समर्पित सदस्यों ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाते हुए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया। यह 18वां स्थापना दिवस न केवल धार्मिक अनुष्ठान रहा, बल्कि इसने कोटा के जैन समाज की अटूट आस्था और सांस्कृतिक एकता को भी रेखांकित किया।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
