कोटा। शिक्षा और पुरुषार्थ की नगरी कोटा में मानवता की सेवा का एक अनूठा अध्याय जुड़ गया है। झालावाड़ रोड स्थित श्रद्धा वृद्धाश्रम (श्रद्धा भवन) के प्रांगण में शुक्रवार, 9 जनवरी को उस समय एक नई उम्मीद की किरण जागी, जब इनरव्हील क्लब कोटा एवं भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय विशाल दिव्यांग सहायता शिविर का भव्य शुभारंभ हुआ। यह शिविर केवल कृत्रिम अंग वितरण का केंद्र नहीं, बल्कि शारीरिक बाधाओं से जूझ रहे सैंकड़ों दिव्यांगजनों के लिए स्वावलंबन और सम्मान की नई राह प्रशस्त करने वाला एक पुनीत अनुष्ठान बनकर उभरा है।

कार्यक्रम का आगाज मुख्य अतिथि कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा द्वारा किया गया। इस भावुक कर देने वाले अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए विधायक शर्मा ने कहा कि सेवा के ऐसे प्रकल्प समाज के उस वंचित वर्ग के जीवन में आशा और अटूट आत्मविश्वास का संचार करते हैं, जो स्वयं को मुख्यधारा से कटा हुआ महसूस करते हैं। उन्होंने क्लब के प्रयासों को रेखांकित करते हुए स्पष्ट किया कि दिव्यांगजनों को सक्षम बनाना महज एक सहायता कार्य नहीं है, बल्कि उन्हें समाज में सिर उठाकर जीने का अधिकार और अवसर प्रदान करना है। उन्होंने इनरव्हील क्लब और भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के सेवाभावी दृष्टिकोण की मुक्त कंठ से सराहना की।

शिविर की रूपरेखा और उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए क्लब अध्यक्ष चारू जैन ने बताया कि यहाँ बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर आयु वर्ग के दिव्यांगों की जरूरतों का ध्यान रखा जा रहा है। शिविर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ कृत्रिम अंगों का निर्माण मौके पर ही किया जा रहा है। तकनीकी विशेषज्ञों की टीम लाभार्थियों के अंगों का सटीक माप लेकर तत्काल 'जयपुर फुट' और अन्य सहायक उपकरण तैयार कर रही है, ताकि दूर-दराज से आए लोगों को बिना किसी प्रतीक्षा के तुरंत राहत मिल सके।

इस मानवीय कार्य में सचिव नीरजा कोहली, पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर स्वाति गुप्ता, नीता जैन, प्रोजेक्ट डायरेक्टर अंजलि अग्रवाल और किरण अग्रवाल जैसे पदाधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए व्यवस्थाओं को सुचारू बनाया। साथ ही, करनी नगर विकास समिति के संचालक और प्रख्यात समाजसेवी प्रवीण भंडारी सहित शहर के कई गणमान्य नागरिक इस सेवा यज्ञ के साक्षी बने।

सचिव नीरजा कोहली ने शिविर की सफलता के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि दो दिनों के भीतर लगभग 150 ट्राइसाइकिल और 150 व्हीलचेयर का वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है। हाड़ोती संभाग के कोने-कोने से अब तक 500 से अधिक दिव्यांगजन पंजीकरण करवा चुके हैं। शिविर के पहले दिन की गहमागहमी और लाभार्थियों के चेहरों पर झलकी मुस्कान यह बताने के लिए पर्याप्त थी कि यह प्रयास उनके जीवन में कितना बड़ा परिवर्तन लाने वाला है। शनिवार, 10 जनवरी को भी यह शिविर जारी रहेगा, जहाँ शेष पंजीकृत लाभार्थियों को कृत्रिम हाथ-पैर, कैलिपर और बैसाखियों के माध्यम से गतिशीलता प्रदान की जाएगी। यह आयोजन समाज के लिए एक प्रेरणा है कि सामूहिक प्रयासों से किस प्रकार दिव्यांगता की बेड़ियों को काटकर विकास के नए सोपान गढ़े जा सकते हैं।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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