कोटा में आज दीक्षार्थियों की बिनौली और गोद भराई, जयपुर में 16 दिसंबर को होंगी तीन जैन दीक्षाएं
कोटा के कुन्हाड़ी स्थित श्री 1008 चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में आज शाम छह बजे दीक्षार्थियों की बिनौली और गोद भराई होगी। मुनि श्री विवर्धन सागर जी महाराज ने परिग्रह, धन के सदुपयोग और आत्मकल्याण के मार्ग पर विचार रखे।

कोटा के कुन्हाड़ी स्थित चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में जैनश्वरी दीक्षा के प्रसंग पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान जैन मुनियों का आशीर्वाद लेते श्रद्धालु।
कोटा में जैनश्वरी दीक्षा के प्रसंग पर गुरुवार को दीक्षार्थियों की बिनौली और गोद भराई महोत्सव आयोजित होगा। रिद्धि-सिद्धि नगर, कुन्हाड़ी स्थित श्री 1008 चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में शाम छह बजे होने वाले इस आयोजन में जैन समाज के श्रद्धालु शामिल होकर दीक्षार्थियों के संयम मार्ग पर बढ़ने की अनुमोदना करेंगे। आयोजन गणधर मुनि श्री विवर्धन सागर जी महाराज, प्रवर्तक मुनि श्री विश्वनायक सागर जी महाराज सहित छह पिच्छी संघ के सानिध्य में होगा।
मंदिर अध्यक्ष राजेंद्र गोधा एवं मंत्री पंकज खटोड़ ने बताया कि श्रुत संवेगी मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज के सानिध्य में 16 दिसंबर 2026 को जयपुर में तीन जैनश्वरी दीक्षाएं प्रस्तावित हैं। इनमें ब्रह्मचारी अतिशय भैयाजी कोटा, ब्रह्मचारी विशाल भैयाजी और ब्रह्मचारी रोहित भैयाजी दीक्षा ग्रहण करेंगे। इसी प्रसंग में कोटा में दीक्षार्थियों की बिनौली और गोद भराई का आयोजन किया जा रहा है।
श्री पारस बज 'आदित्य' ने बताया कि गोद भराई के बाद यात्रा श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, पार्श्वनाथ निलय, कुन्हाड़ी पहुंचेगी। यहां समाजबंधु दीक्षार्थियों की गोद भराई कर उनकी दीक्षा की अनुमोदना करेंगे। आयोजन के माध्यम से दीक्षार्थियों के संयम मार्ग पर आगे बढ़ने के प्रसंग में जैन समाज के श्रद्धालु सहभागिता निभाएंगे।
धर्मसभा में गणधर मुनि श्री विवर्धन सागर जी महाराज ने कहा कि संसार के भौतिक सुखों में आसक्त जीव को शाश्वत सुख की प्राप्ति नहीं होती। मिथ्यात्व के कारण जीव कर्मों का बंध करता है और दुख भोगता है। तत्वों पर श्रद्धान, सम्यग्दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चारित्र से आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है।
मुनिश्री ने द्रव्य संग्रह की गाथा का संदर्भ देते हुए कहा कि वस्तुओं के प्रति मोह और आसक्ति से परिग्रह की भावना बढ़ती है। अधिक संग्रह करने वाला व्यक्ति अपनी संपत्ति की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहता है। उन्होंने कहा कि धन की तीन गतियां दान, भोग और नाश हैं। इसलिए धन का सदुपयोग दान-पुण्य और परोपकार में करना चाहिए। मुनिश्री ने संयम, संतोष और तप के माध्यम से परिग्रह की आसक्ति से बचने का संदेश दिया।
कोषाध्यक्ष ताराचंद बड़ला ने बताया कि धर्मसभा में टीकम पाटनी, प्रेमचंद दुगेरिया, बसंतीलाल दोषी, पुष्प लुहाड़िया, प्रकाश पहाड़िया, अशोक पापड़ीवाल एवं रामबाबू जैन सहित समाज के अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। दीक्षार्थियों की बिनौली और गोद भराई का आयोजन जयपुर में प्रस्तावित तीन जैनश्वरी दीक्षाओं के उपलक्ष्य में धार्मिक अनुष्ठानों और संयम मार्ग की अनुमोदना का अवसर बनेगा।

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
