कोटा के विज्ञान नगर स्थित दिगंबर जैन मंदिर में श्री दिगंबर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान, सांगानेर-जयपुर के तत्वावधान में आयोजित श्रमण संस्कृति संस्कार शिविर में धर्म, संस्कृति और संस्कारों की अनूठी साधना देखने को मिल रही है। शिविर में 90 वर्षीय राजमल पाटौदी से लेकर 5 वर्षीय अक्षय तक करीब 150 शिक्षार्थी उत्साहपूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। विभिन्न आयु वर्ग की सहभागिता ने शिविर को विशेष बना दिया है।

संस्थान के महामंत्री अनिल ठौरा ने बताया कि शिविर का उद्देश्य नई पीढ़ी और समाज में जैन धर्म, संस्कृति एवं संस्कारों के प्रति जागरूकता विकसित करना है। शिविर में वरिष्ठ प्रतिभागियों को पंडित खुशाल शास्त्री द्वारा इष्टोपदेश का अध्ययन कराया जा रहा है, जबकि बच्चों को पंडित सौरभ शास्त्री प्राथमिक जैन धर्म, पूजा-विधि और धार्मिक आचरण की जानकारी दे रहे हैं।

उन्होंने बताया कि शिविर की समस्त व्यवस्थाओं और संचालन की जिम्मेदारी शिविर संयोजक सीताराम जैन संभाल रहे हैं। प्रशिक्षण सत्रों के बाद सभी प्रतिभागियों के लिए अल्पाहार की व्यवस्था भी की जा रही है।

संस्कार शिविर में बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को जैन श्रमण संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। धर्म और संस्कारों से जुड़ा यह आयोजन समाज में सांस्कृतिक जागरूकता और परंपराओं के संरक्षण का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है।

Pratahkal Bureau

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