कोटा: अक्षय तृतीया पर जैन समाज ने वितरित किया 1100 गिलास गन्ने का रस
तलवंडी स्थित जैन मंदिर समिति द्वारा भगवान आदिनाथ के प्रथम पारणा की स्मृति में श्रद्धालुओं और आमजन के लिए इक्षु रस पान कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कोटा के तलवंडी क्षेत्र में अक्षय तृतीया के अवसर पर आयोजित इक्षु रस (गन्ने का रस) वितरण कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जैन मंदिर समिति के पदाधिकारी और सदस्य।
कोटा। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर जैन समाज की अटूट सेवा भावना का एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए तलवंडी स्थित जैन मंदिर समिति के तत्वावधान में भव्य इक्षु रस (गन्ने का रस) पान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भक्ति और सेवा के इस संगम में मंदिर समिति के अध्यक्ष अशोक पहाड़िया ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं एवं आमजन को पूर्ण शुद्धता के साथ कुल 1100 ग्लास इक्षु रस वितरित कर पुण्य लाभ अर्जित किया गया।
इस धार्मिक अनुष्ठान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए महामंत्री प्रकाश सामरिया ने बताया कि जैन धर्म की गौरवशाली परंपरा में अक्षय तृतीया का स्थान अत्यंत विशिष्ट है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) ने एक वर्ष से भी अधिक समय की अपनी दीर्घ एवं कठिन तपस्या के उपरांत आहार चर्या हेतु विभिन्न नगरों में भ्रमण किया था। अंततः वैशाख शुक्ल तृतीया के शुभ दिन हस्तिनापुर के राजा श्रेयांस कुमार ने उन्हें इक्षु रस, अर्थात गन्ने के ताजे रस से पारणा करवाई थी। इतिहास में यह अवसर जैन धर्म के प्रथम 'आहार दान' के रूप में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है, जिसकी स्मृति में आज भी इक्षु रस वितरण की यह परंपरा श्रद्धापूर्वक निभाई जाती है।
समिति के सदस्य जे के जैन ने बताया कि इस पुनीत कार्य में अनुमोदक परिवारों के रूप में प्रकाशचंद, अभिषेक, अनिमेष (दीपपूरा परिवार), देवेंद्र, बीना, अर्पित (धनोपिया परिवार) तथा प्रकाशचंद्र, पलाश एवं ईशान जैन का विशेष समर्पण और सहयोग रहा। कार्यक्रम को व्यवस्थित और सफल बनाने में युवा शक्ति की सक्रियता भी अनुकरणीय रही। सहयोगी के रूप में शुभम लुहाड़िया, राजू लुहाड़िया, राजकुमार हरसौरा, राजेश बरमुंडा, अनिल डाबी, राहुल बगड़ा, संदीप सेठी, अचल सामरिया, क्षितिज धनोपिया, सुदर्शन, संजीव पाटनी, कमल गोधा सहित तलवंडी युवा शक्ति के सभी कर्मठ साथियों ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाते हुए व्यवस्थाओं को संभाला। सेवा और समर्पण का यह आयोजन न केवल धार्मिक परंपरा का निर्वहन था, बल्कि समाज में दान और सेवा के आदर्शों को सुदृढ़ करने वाला एक सशक्त माध्यम सिद्ध हुआ।

Pratahkal Newsroom
प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
