कोटा में प्राचीन जैन तीर्थों, मंदिरों और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। श्री भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थ संरक्षिणी महासभा, हाड़ौती संभाग द्वारा 27 अप्रैल को जैन धरोहर दिवस का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य समाज में सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाना और संरक्षण कार्यों को गति देना है।

कार्यक्रम की रूपरेखा तय करने के लिए बुधवार को विज्ञान नगर स्थित दिगम्बर जैन मंदिर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में संरक्षक राजमल पाटौदी, पुरातत्व संयोजक जे.के. जैन, महासभा अध्यक्ष नरेश पांड्य, महामंत्री राकेश चपलमन, कार्याध्यक्ष राजेन्द्र गोधा, कोषाध्यक्ष जीवंधर सोगानी सहित सकल दिगम्बर जैन समाज के पदम बड़ला, निखलेश सेठी, रितेश सेठी, राजेश जैन बंटी और अमित जैन चीकू उपस्थित रहे।

संरक्षक राजमल पाटौदी ने बताया कि यह आयोजन समाज में सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और संरक्षण गतिविधियों को गति देने के उद्देश्य से किया जा रहा है। पुरातत्व संयोजक जे.के. जैन ने जानकारी दी कि 27 अप्रैल को प्रातः 9 बजे विज्ञान नगर मंदिर की धर्मशाला में यह कार्यक्रम आयोजित होगा। इस अवसर पर महासभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्मलकुमार जैन सेठी को विन्यांजलि अर्पित की जाएगी।

महासभा अध्यक्ष नरेश पांड्य और महामंत्री राकेश चपलमन ने बताया कि महासभा की यह शाखा लंबे समय से प्राचीन जैन तीर्थों, मंदिरों, मूर्तियों और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण, सर्वेक्षण, जीर्णोद्धार और संवर्धन के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आने वाली पीढ़ियाँ इस समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से लाभान्वित हो सकें।

यह आयोजन न केवल जैन समाज की सांस्कृतिक चेतना को सशक्त करेगा, बल्कि ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों को भी नई दिशा प्रदान करेगा।

Pratahkal Bureau

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