कोटा में जैन दर्शन शिविर का सफल समापन: कल प्रतिभाओं का सम्मान और आध्यात्मिक चेतना का महासंगम
कोटा में आठ दिवसीय जैन दर्शन शिविर का हुआ ज्ञानवर्धक समापन। क्या परीक्षार्थियों ने कठिन दार्शनिक विषयों को अपनी बुद्धिमत्ता से सिद्ध किया? रविवार को होने वाला सम्मान समारोह दिखाएगा प्रतिभाओं का दम। धर्म और संस्कार के संगम की पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

कोटा के विभिन्न केंद्रों पर जैन दर्शन एवं व्यक्तित्व विकास शिविर के दौरान 'छह ढाला' और 'गुणस्थान' जैसे विषयों पर परीक्षा देते प्रतिभागी, जिसे में देखा जा सकता है।
धर्म, दर्शन और संस्कारों की त्रिवेणी में ज्ञान का आलोक बिखेरते हुए, श्री दिगंबर जैन बाल विकास पारमार्थिक न्यास, कोटा द्वारा आयोजित आठ दिवसीय ग्रीष्मकालीन शिविर का भव्य समापन हुआ। शहर के चार प्रमुख केंद्रों पर संपन्न हुए इस शिविर के अंतिम दिन आयोजित परीक्षाओं में लगभग 300 प्रतिभागियों ने अपनी बौद्धिक क्षमता और जैन सिद्धांतों के प्रति गहरी आस्था का परिचय दिया। 'छह ढाला', 'गुणस्थान', 'वीतराग विज्ञान' और 'बालबोध' जैसे दार्शनिक विषयों पर आधारित इन परीक्षाओं ने प्रतिभागियों के ज्ञान को एक नई दिशा प्रदान की।
शिविर का आयोजन रामपुरा स्थित दिगंबर जैन पोरवाल मंदिर, इंद्र विहार के सिमंधर जिनालय, सिलिकॉन सिटी और बोरखेड़ा स्थित स्वर्ण मंदिर में किया गया। न्यास अध्यक्ष विजय जैन एवं मंत्री सीए संजय जैन ने जानकारी दी कि पिछले तीन दशकों से निरंतर आयोजित हो रहा यह शिविर जैन समाज के लिए एक सांस्कृतिक धरोहर बन चुका है। शिविर संयोजक जिनेन्द्र दुगेरिया, पं. अभिलाष शास्त्री, उत्तम पोरवाल एवं भानु हरसोरा के निर्देशन में आयोजित इन सत्रों में शिशु से लेकर प्रौढ़ वर्ग तक ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
विद्वानों ने अपने सारगर्भित प्रवचनों के माध्यम से जैन दर्शन की गूढ़ अवधारणाओं को सरल और प्रभावी शैली में प्रस्तुत किया। रामपुरा केंद्र पर ऋषभ शास्त्री ने जैन सिद्धांतों की व्याख्या की, तो वहीं पिडावा के पं. आदित्य शास्त्री ने बच्चों को खेल-खेल में धर्म का मर्म समझाया। इंद्र विहार केंद्र पर मनीष शास्त्री ने आत्मचिंतन का संदेश दिया और अमन शास्त्री ने जैन न्यायशास्त्र की बारीकियों को स्पष्ट किया। महिलाओं के लिए आयोजित विशेष सत्र में विदुषी आयुषी शास्त्री ने गृहस्थ जीवन और मोक्षमार्ग के समन्वय पर विचार रखे, जो प्रतिभागियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायी रहे। सिलिकॉन सिटी केंद्र पर अचल शास्त्री का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
इस आठ दिवसीय आध्यात्मिक अनुष्ठान का भव्य समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह रविवार प्रातः 9:30 बजे रामपुरा केंद्र पर होगा। इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उद्योगपति एवं समाजसेवी प्रेमजी बजाज उपस्थित रहेंगे। विभिन्न शास्त्रीगणों की उपस्थिति में आयोजित होने वाला यह समारोह न केवल उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत करेगा, बल्कि जिनशासन की मूल शिक्षाओं को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प भी दोहराएगा। यह शिविर जैन समुदाय में आध्यात्मिक जागरूकता और संस्कार निर्माण के प्रति बढ़ती गंभीरता का जीवंत प्रमाण है।

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