मुकुंदरा विहार स्थित इस्कॉन नंदग्राम धाम, कोटा में 31 जनवरी शनिवार के दिन नित्यानंद त्रयोदशी उत्सव का आयोजन किया गया, जो भगवान नित्यानंद प्रभू के अवतरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह उत्सव भगवान की भक्ति और प्रेम का प्रतीक है, जो हमारे जीवन को सार्थक बनाता है।


दिव्य श्रृंगार एवं भव्य पालकी यात्रा

  • भगवान श्री श्री गौर निताई को मयूर से सजी हुई पोशाक अर्पित की गई जो कि अत्यन्त मनमोहक थी।
  • शाम 5:30 बजे भगवान श्री श्री गौर निताई की पालकी उत्सव का आयोजन किया गया।

महाअभिषेक एवं संकीर्तन

पालकी उत्सव के तत्पश्चात बहुत ही भव्य अभिषेक किया गया जिसमें गौर निताई को निम्नलिखित द्रव्यों से दिव्य स्नान कराया गया:

  • पंचामृत और पंचगव्य
  • फलों के रस और औषधियाँ

अभिषेक के दौरान भक्तों ने बड़े ही भाव और भक्ति के साथ हरिनाम संकीर्तन में भाग लिया, जिससे वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय हो गया था।


अध्यात्मिक प्रवचन: नित्यानंद प्रभू की महिमा

अभिषेक के पश्चात इस्कॉन नंदग्राम धाम अध्यक्ष श्रीमान राधा प्रिया दास जी ने नित्यानंद प्रभू के बारे में बताया कि:

"वे श्री बलराम जी का स्वरूप हैं और सभी जीवों के आदि गुरु हैं। भगवान कृष्ण को प्राप्त करने के लिए नित्यानंद प्रभु की कृपा प्राप्त करना अत्यंत आवश्यक है। कलियुग स्वयं भगवान श्री बलरामजी नित्यानंद प्रभू के रूप में प्रकट हुए, उन्होंने अपने जीवंत उदाहरण से बताया कि कलियुग का युग धर्म हरिनाम संकीर्तन है। उन्होंने कहा कि नित्यानंद प्रभू की कृपा से ही हम भगवान के प्रेम और आनंद का अनुभव कर सकते हैं।"


महा आरती एवं प्रसाद वितरण

इसके बाद भगवान की महा आरती की गई। महा आरती के बाद सभी भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया, जो भगवान की कृपा का प्रतीक है।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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