हाइवे पर ओवरस्पीडिंग और ई-चालान नियमों को लेकर कोटा में उपजा भारी आक्रोश
केंद्रीय मंत्रालय के गति सीमा नियमों और जनप्रतिनिधियों को मिलने वाली छूट पर नागरिक संगठनों ने सवाल उठाते हुए आगामी चुनाव में परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।

कोटा में नेशनल हाईवे पर निर्धारित गति सीमा से अधिक वाहन चलाने पर कट रहे ई-चालान और जनप्रतिनिधियों को मिल रही छूट के विरोध में लामबंद हुए नागरिक संगठन।
कोटा, 24 मार्च। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय द्वारा एक्सप्रेस-वे पर 120 किमी/प्रति घंटा, नेशनल हाईवे व स्टेट हाइवे पर चार पहिया वाहनों के आवागमन पर अधिकतम गति सीमा 80 किमी प्रति घंटा निर्धारित है, जिससे 1 किमी अधिक होने पर 1 हजार रुपए के ई-चालान से ऑनलाइन वसूली की जा रही है। चार पहिया वाहन चालकों ने बताया कि सरकार द्वारा सभी वाहनों से आने-जाने का टोल प्लाजा वसूल किया जा रहा है। दूसरी ओर, तेज गति से ई-चालान के माध्यम से करोड़ों रुपए की राशि वसूल की जा रही है। नागरिक संगठनों ने मांग की है कि केंद्र व राज्य सरकारें एक देश-एक नियम की अनुपालना नहीं करके आम जनता से एकतरफा वसूली करने पर आमादा है।
जनप्रतिनिधियों के वाहनों पर मेहरबानी और भेदभाव के आरोप
नागरिक संगठनों ने सवाल उठाया है कि "सभी राज्यों में एक्सप्रेस वे, नेशनल हाई वे, स्टेट हाइवे से गुजरने वाले सभी जनप्रतिनिधियों के वाहनों को टोल टैक्स और ई- चालान से छूट किस कानून से दी जा रही है।" जबकि सच्चाई तो यह है कि सारे जनप्रतिनिधियों के काफिले राजमार्गों पर निर्धारित गति सीमा से ज्यादा 140 किमी से अधिक गति से बेरोकटोक संचालित हो रहे हैं। क्योंकि उनको कोई ई चालान नहीं भरना होता है। देश की आम जनता से इतनी अधिक आर्थिक वसूली करना न्यायसंगत नहीं है और यदि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा आम नागरिकों के साथ यह भेदभाव जारी रखा गया तो अंततः सत्ताधारी दलों को आगामी चुनावों में जनाक्रोश भुगतना पड़ेगा।
ई-चालान जमा करने की जटिल प्रक्रिया और सुरक्षा की चिंता
शहर के वाहन चालकों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि "कोटा से जयपुर जाने पर उनको 4 से 5 ई-चालान के मेसेज प्राप्त हो रहे है। इनको ऑनलाइन जमा करने की प्रक्रिया इतनी जटिल है कि एक सामान्य वाहन चालक स्वयं जमा नहीं कर पा रहा है।" एक ई-चालान को भरने के लिए वाहन चालक को अपने गाड़ी नंबर, बैंक अकाउंट संख्या, एटीएम कार्ड नंबर की जानकारी, ओटीपी सहित 10 तरह की जानकारी भरनी होती है, जिससे उसे गोपनीय जानकारी हैक होने का डर बना रहता है। केंद्र सरकार को इस छिपी हुई आर्थिक वसूली की जानकारी को प्रतिमाह सार्वजनिक करनी चाहिए ताकि आम वाहन चालकों को जानकारी मिल सके कि उनके चुने हुए जनप्रतिनिधि भी देश के नियमों की कितनी अनुपालना कर रहे है।

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
