कोठा हार्ट इंस्टिट्यूट में फेको तकनीक से मोतियाबिंद ऑपरेशन की सुविधा शुरू
आरजीएचएस और ईएसआई लाभार्थियों को मिलेगा निशुल्क उपचार, वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक कुमार शर्मा ने किया अत्याधुनिक मशीन का शुभारंभ।

कोटा हार्ट इंस्टिट्यूट एंड रिसर्च सेंटर में 6 फरवरी को फेको तकनीक का शुभारंभ करते डॉ. दीपक कुमार शर्मा और संस्थान के अन्य सदस्य।
कोटा | 7 फरवरी, 2026
कोटा वासियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। शहर के प्रतिष्ठित कोटा हार्ट इंस्टिट्यूट एंड रिसर्च सेंटर में अत्याधुनिक फेको (Phaco) तकनीक द्वारा मोतियाबिंद के ऑपरेशन की सुविधा विधिवत रूप से शुरू कर दी गई है।
नयी सेवा का शुभारंभ
- इस नई सेवा का शुभारंभ 6 फरवरी को वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक कुमार शर्मा द्वारा किया गया।
फेको तकनीक की विशेषताएं
डॉ. शर्मा ने बताया कि:
"फेको पद्धति मोतियाबिंद के इलाज की सबसे आधुनिक और सुरक्षित तकनीक है, जिसमें बिना चीरे और बिना टांके के बहुत ही छोटे छेद के माध्यम से ऑपरेशन किया जाता है। इस विधि से मरीज को दर्द न के बराबर होता है और वह बहुत जल्द अपनी सामान्य दिनचर्या में लौट सकता है।"
निशुल्क एवं कैशलेस उपचार की सुविधा
इंस्टिट्यूट के निदेशक डॉ. राकेश चंद जिंदल ने बताया कि:
"इस सुविधा के शुरू होने से RGHS एवं ESI के लाभार्थियों का फेको पद्धति से मोतियाबिंद ऑपरेशन पूर्णतः निशुल्क किया जा सकेगा और साथ ही अन्य स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के लिए कैशलेस सुविधा भी उपलब्ध होगी।"
विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं
हॉस्पिटल प्रबंधन ने साझा किया कि अन्य रोगों के उपचार के साथ-साथ अब आंखों की उन्नत देखभाल के लिए विश्वस्तरीय तकनीक एक ही छत के नीचे उपलब्ध होगी।

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