कोटा में गुर्जर समाज का पांचवां वीर गुर्जर सामूहिक विवाह सम्मेलन आज
श्री देवनारायण भगवान मंदिर में आयोजित समारोह में 60 जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे, भीषण गर्मी के बीच किए गए विशेष इंतजाम।

कोटा के गणेश नगर स्थित श्री देवनारायण भगवान बड़ा मंदिर में सामूहिक विवाह सम्मेलन की तैयारियों का जायजा लेते आयोजन समिति के सदस्य।
कोटा, 18 अप्रैल। राजस्थान की शिक्षा नगरी कोटा के गणेश नगर स्थित श्री देवनारायण भगवान बड़ा मंदिर में आज रविवार को गुर्जर समाज के पांचवें 'वीर गुर्जर सामूहिक विवाह सम्मेलन' का भव्य शंखनाद होने जा रहा है। आखातीज के अबूझ सावे और शुभ मुहूर्त के पावन अवसर पर आयोजित इस विशाल समारोह में कुल 60 जोड़े एक साथ हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार परिणय सूत्र में बंधकर अपने नए संसार की नींव रखेंगे। हाड़ौती अंचल के कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिलों से चयनित इन युवक-युवतियों का विवाह संस्कार पूरी भव्यता और परंपराओं के साथ संपन्न कराया जाएगा।
समिति के अध्यक्ष शिवराज गुंजल ने कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि पिछले वर्ष की अभूतपूर्व सफलता से प्रेरणा लेकर इस बार आयोजन को और अधिक विशाल स्वरूप प्रदान किया गया है। विवाह की रस्मों में भारतीय संस्कृति और परंपराओं की जीवंत झलक देखने को मिलेगी, जिसमें आकर्षक निकासी, पारंपरिक तोरण और भव्य वरमाला का आयोजन आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक स्नेहभोज का सिलसिला चलेगा, वहीं दोपहर 12 बजे अतिथि एवं भामाशाह सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके पश्चात दोपहर 2 बजे से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पाणिग्रहण संस्कार की मुख्य रस्म शुरू होगी।
भीषण गर्मी की चुनौतियों को स्वीकारते हुए आयोजकों ने विशेष प्रबंध किए हैं। आयोजन स्थल पर मेहमानों और बारातियों की सुविधा हेतु जगह-जगह शीतल पेयजल की व्यवस्था के साथ-साथ पर्याप्त संख्या में कूलरों का इंतजाम किया गया है ताकि किसी को असुविधा न हो। नवदंपतियों को गृहस्थी के नए सफर में संबल प्रदान करने हेतु समिति की ओर से पलंग, ड्रेसिंग टेबल, गद्दे, दो तकिए, कूलर, 40 बर्तनों का सेट, पानी का कैंपर, चांदी की पायल और सोने का नाक का कांटा सहित तमाम आवश्यक सामग्री उपहार स्वरूप प्रदान की जाएगी।
इस वर्ष का सम्मेलन न केवल सामाजिक जुड़ाव बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिए भी स्मरणीय रहेगा। आयोजकों ने पूरे परिसर को प्लास्टिक मुक्त रखने का कड़ा निर्णय लिया है, जिसके तहत किसी भी तरह के प्लास्टिक डिस्पोजल का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने के लिए भोजन, जल और स्टेज संचालन जैसी विभिन्न विशेष समितियों का गठन किया गया है, जिनके पदाधिकारी पिछले एक माह से निरंतर सेवा में जुटे हैं। इस मांगलिक उत्सव में आशीर्वाद देने हेतु सभी राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। यह सामूहिक विवाह सम्मेलन समाज में एकता, सादगी और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का एक सशक्त संदेश प्रसारित कर रहा है।

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