कोटा में ‘गीतांजलि’ लाइव म्यूजिकल इवनिंग का आयोजन, जाज़िम शर्मा ने दी श्रद्धांजलि
सृजन द स्पार्क की ओर से आयोजित कार्यक्रम में लोकप्रिय गजल गायक जाज़िम शर्मा और अलीना भारती की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।

तस्वीर में गायक जाज़िम शर्मा मंच पर हारमोनियम बजाकर संगीत की प्रस्तुति दे रहे हैं।
कोटा। शहर की शाम शनिवार को गजल, बॉलीवुड क्लासिक्स और सूफी संगीत के सुरों से सराबोर रही। सृजन द स्पार्क कोटा की ओर से श्रीनाथपुरम सेक्टर-ए स्थित निजी स्कूल के ऑडिटोरियम में ‘गीतांजलि’ लाइव म्यूजिकल इवनिंग का आयोजन किया गया। लोकप्रिय गजल गायक जाज़िम शर्मा ने अपनी प्रस्तुतियों से संगीत के स्वर्णिम दौर के फनकारों को सुरों के जरिए श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि लाडपुरा विधायक कल्पना देवी थीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक कल्पना देवी, अध्यक्ष डॉ. विजय सरदाना, सचिव संजीव अग्रवाल, उपाध्यक्ष अनिमेष जैन, कोषाध्यक्ष विकास अजमेरा, संरक्षक प्रेम भाटिया एवं गोविंद माहेश्वरी, राजेश माहेश्वरी और डॉ. रोशन भारती ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उपाध्यक्ष अनिमेष जैन ने बताया कि इस अवसर पर मुख्य अतिथि कल्पना देवी ने अलीना भारती को ‘एमेज़िंग स्टार’ अवॉर्ड से सम्मानित किया।
विधायक कल्पना देवी ने कहा कि संगीत से हमारा नाता जन्म से मृत्यु तक बना रहता है। चाहे लोकगीत हों या भजन, संगीत हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा है। सृजन द स्पार्क कोटा अपने संगीत आयोजनों से न केवल लोगों को आनंदित करता है, बल्कि नए प्रतिभाशाली कलाकारों और उभरते सितारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर भी देता है।
जाज़िम शर्मा ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से उस्ताद बरकत अली खान, बेगम अख्तर, मेहदी हसन, गुलाम अली, जगजीत सिंह और पंकज उधास जैसे महान फनकारों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनकी प्रस्तुतियों में ‘वो जो तुमसे मेरा करार था’, ‘जिंदगी दे तो जीने का हुनर भी देना’, ‘चुपके चुपके रात दिन’, ‘तुमको देखा तो ये ख्याल आया’ और ‘होंठों से छू लो तुम’ जैसे सदाबहार गीतों की झलक ने श्रोताओं को संगीत के उस दौर की स्मृतियों से जोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने अपनी एलबम और गजलों की प्रस्तुतियों से भी माहौल को भावपूर्ण बनाया। फरहत शहजाद, निदा फाजली और अल्लामा इकबाल की रचनाओं पर आधारित उनकी प्रस्तुतियों ने महफिल को अलग रंग दिया।
अलीना भारती की आवाज ने बांधा समां
कार्यक्रम में सेनिया घराने की संगीत परंपरा से जुड़ी कोटा की बेटी गायिका अलीना भारती ने गजल, पुराने बॉलीवुड गीतों और सूफी संगीत की प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। ‘मेरी आवाज ही पहचान है’, ‘रंजिश ही सही’, ‘चुपके चुपके रात दिन’ और ‘लग जा गले’ जैसी प्रस्तुतियों ने महफिल में भावनाओं और सुरों का सुंदर संगम प्रस्तुत किया।
‘गजल की परंपरा कभी खत्म नहीं होगी’
जाज़िम शर्मा ने कहा कि भारतीयों के डीएनए में अच्छा संगीत रचा-बसा है। शास्त्रीय संगीत और गजल की परंपरा समय के साथ समाप्त होने वाली नहीं है। जरूरत इस बात की है कि नई पीढ़ी अच्छे संगीत को सुने और उसकी गहराई को समझे। उन्होंने बताया कि युवाओं और जेन-जी को पारंपरिक संगीत से जोड़ने के उद्देश्य से ‘महफिलीजम’ की परिकल्पना की गई है। इसमें गजल को आधार बनाकर आधुनिक संगीत संयोजन के साथ प्रस्तुतियां तैयार की जा रही हैं, ताकि युवा पीढ़ी महफिल की परंपरा और समकालीन संगीत के बीच संबंध महसूस कर सके।
उन्होंने नए गजल गायकों को संदेश देते हुए कहा कि गजल केवल गाने का माध्यम नहीं, बल्कि शास्त्रीय संगीत, शेर-ओ-शायरी और भावों को समझने की साधना है। इसके लिए समय, निरंतर अभ्यास और समर्पण जरूरी है। शास्त्रीय संगीत में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है। उन्होंने युवाओं को अच्छा और सुकून देने वाला संगीत सुनने की सलाह देते हुए कहा कि संगीत मानसिक तनाव कम करने, मन को शांत करने और सकारात्मक भावनाओं को बढ़ाने में सहायक हो सकता है। पसंदीदा संगीत सुनने से मस्तिष्क के रिवॉर्ड सिस्टम पर सकारात्मक असर पड़ता है और डोपामिन व सेरोटोनिन जैसे न्यूरोकेमिकल्स सक्रिय होते हैं, जिससे सुकून और सकारात्मक भावनाओं का अनुभव होता है।
प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर डॉ. प्रदीप सिंह गौर ने बताया कि सहकोषाध्यक्ष अनिश बिरला, राजकुमार जैन, कुलदीप माथुर, मनीष पाटनी, कपिल सिद्धार्थ, उमेश गोयल, अमित बंसल, अलंकार शर्मा, डॉ. चंद्रशेखर शर्मा और एडवोकेट संदीप जैन सहित बड़ी संख्या में संगीतप्रेमी मौजूद रहे। ‘गीतांजलि’ की शाम ने गजल, पुराने बॉलीवुड गीतों और सूफी संगीत के जरिए संगीत के स्वर्णिम दौर की यादों को जीवंत किया।

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
