शिक्षा नगरी कोटा में आगामी गणेश महोत्सव को पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ भव्य रूप देने की तैयारी पूर्ण कर ली गई है। सर्व हिंदू समाज सोशल क्रांतिकारी महासंघ द्वारा रविवार को गीता भवन में आयोजित 'सनातन धर्म संस्कृति गौरव सम्मान' समारोह में न केवल धर्म योद्धाओं का अभिनंदन किया गया, बल्कि कोटा के गणेश उत्सव को नई ऊंचाइयों पर ले जाने हेतु कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की गईं। इस गरिमामय आयोजन में शहर के 51 प्रमुख गणेश मंडलों के 153 सदस्यों को उनकी धर्मपरायणता के लिए "सनातन धर्म संस्कृति गौरव सम्मान" से अलंकृत किया गया।

समारोह में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करने के लिए मौजी बाबा पावन धाम आश्रम की महामंडलेश्वर साध्वी डॉ. हेमा सरस्वती एवं कुलम शक्ति पीठ की महामंडलेश्वर माता नीति अंबा विशेष रूप से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संदीप चांदीवाला थे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में संजय गोयल एवं आरएल विजय ने शिरकत की। महासंघ के मुख्य संयोजक गोविंद नारायण अग्रवाल, संस्थापक महामंत्री राजाराम जैन 'कर्मयोगी', दिनेश कुमार बंसल, परमानंद गर्ग, अश्वत्थामा दाधीच, बसंत भरावा, महेश पंचोली, अनिल कुमार शर्मा, लक्ष्मी नारायण गर्ग, महावीर जैन, योगेश शर्मा, हेमंत सिंह, कमल सिंह सोलंकी, धर्मपाल सिंह, नरेंद्र सिंह जादौन और लक्ष्मण सिंह हाडा सहित कई पदाधिकारियों ने अतिथियों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन नरेश कारा द्वारा संपन्न हुआ।

महासंघ के अध्यक्ष गोविंद नारायण अग्रवाल ने कोटा के गणेश महोत्सव को 'जिला महोत्सव' घोषित करने की पुरजोर मांग उठाते हुए राज्य सरकार एवं जनप्रतिनिधियों से महाराष्ट्र की तर्ज पर स्थानीय मंडलों को आर्थिक सहायता प्रदान करने का आह्वान किया। पर्यावरण की रक्षा हेतु 'इको फ्रेंडली श्री गणपति क्लब' की स्थापना की घोषणा करते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 के गणेश महोत्सव में मिट्टी की प्रतिमा स्थापित करने वाले सर्वश्रेष्ठ 21 मंडलों को भामाशाहों के सहयोग से 5100-5100 रुपए का नकद पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया जाएगा।

संस्थापक महामंत्री राजाराम जैन 'कर्मयोगी' (रावण सरकार) ने योजना का विस्तार देते हुए बताया कि महासंघ ने इस वर्ष पर्यावरण अनुकूल उत्सव के लिए 15 लाख रुपए का भारी-भरकम बजट निर्धारित किया है। इस पहल के अंतर्गत कोटा के विभिन्न मंडलों को 3 से 5 फीट की 51 प्रतिमाएं तथा आम परिवारों के लिए 6, 8 एवं 10 इंच की कुल 1008 इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमाएं पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। इन निशुल्क प्रतिमाओं के लिए अगस्त माह में पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसके लिए विशेष संपर्क नंबर जारी होगा। महासंघ की 10 सदस्यीय टीम जिले के उन 1000 से अधिक मंडलों से संपर्क साधेगी जो 3 फुट से ऊंची प्रतिमाएं स्थापित करते हैं। इस महाभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सभी मंडलों के विवरण के साथ एक भव्य स्मारिका का प्रकाशन भी किया जाएगा, जो कोटा की सांस्कृतिक एकजुटता का प्रतीक बनेगी।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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