कोटा के गणेश महोत्सव को जिला महोत्सव घोषित करने और गणेश मंडलों को सरकारी आर्थिक संबल उपलब्ध कराने की मांग अब संगठित रूप से उठने लगी है। सर्व हिंदू समाज सोशल क्रांतिकारी महासंघ ने महाराष्ट्र सरकार की तर्ज पर राजस्थान सरकार से भी गणेश मंडलों को सहयोग देने की मांग करते हुए शहर के प्रमुख गणेश मंडलों को ‘सनातन धर्म संस्कृति गौरव सम्मान’ से सम्मानित करने की घोषणा की है।

महासंघ द्वारा स्थापित ‘श्री गणेश महोत्सव आयोजन समिति महासंघ’ के संयोजन में 31 मई रविवार को अपराह्न 3 बजे गीता भवन में सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। समारोह के प्रथम चरण में शहर के 51 प्रमुख गणेश मंडलों को सम्मानित किया जाएगा। प्रत्येक सहमत मंडल से 3-3 सदस्यों को आमंत्रित किया गया है, जिसके तहत कुल 153 सदस्य इस सम्मान को प्राप्त करेंगे।

सम्मान समारोह के प्रशस्ति पत्र का विमोचन शुक्रवार को मोजी बाबा पावन धाम की महामंडलेश्वर पूज्य साध्वी डॉ. हेमा सरस्वती के पावन सानिध्य में किया गया। इस अवसर पर मुख्य संयोजक गोविंद नारायण अग्रवाल, संरक्षक समाजसेवी संदीप चांदीवाला, संजय गोयल, आर एल विजय, दिनेश कुमार बंसल, महामंत्री राजाराम जैन ‘कर्मयोगी’, रावण सरकार, परमानंद गर्ग, अश्वत्थामा दाधीच, महेश पंचोली और अनिल कुमार शर्मा सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

महासंघ के मुख्य संयोजक एवं अध्यक्ष गोविंद नारायण अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2025 के गणेश महोत्सव के अंतर्गत महामंत्री राजाराम जैन ‘कर्मयोगी’ के नेतृत्व में गठित 5 सदस्यीय टीम ने 10 दिनों तक पूरे शहर का दौरा किया। टीम ने 440 विभिन्न गणेश मंडलों से संपर्क स्थापित कर महासंघ की पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी भावी कार्य योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही विभिन्न चरणों में आयोजित होने वाले सम्मान समारोह का निमंत्रण देकर मंडलों के नाम और संपर्क सूत्र भी एकत्र किए गए।

उन्होंने बताया कि कोटा जिले में लगभग 1000 से अधिक ऐसे गणेश मंडल सक्रिय हैं, जो 3 फीट से अधिक ऊंची गणेश प्रतिमाएं स्थापित करते हैं। इस वर्ष भी गणेश महोत्सव के दौरान 10 दिनों तक सभी संगठनों से संपर्क साधने के लिए 10 सदस्यीय विशेष दल का गठन किया गया है। दिसंबर माह तक विभिन्न चरणों में सम्मान समारोह आयोजित कर सभी संगठनों की प्रमाणित जानकारी के साथ एक भव्य स्मारिका का प्रकाशन भी किया जाएगा।

महासंघ ने घोषणा की है कि कोटा के राष्ट्रीय स्तरीय प्रबुद्ध जनप्रतिनिधियों के समक्ष यह मांग प्रमुखता से रखी जाएगी कि कोटा के गणेश महोत्सव को आधिकारिक रूप से ‘जिला महोत्सव’ घोषित किया जाए। साथ ही राजस्थान सरकार से महाराष्ट्र की तर्ज पर गणेश मंडलों को आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने की भी मांग की जाएगी। यह पहल कोटा में गणेश महोत्सव की सांस्कृतिक, सामाजिक और धार्मिक पहचान को व्यापक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Pratahkal Bureau

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