कोटा में निःशुल्क सामूहिक विवाह आयोजित, 8 जोड़े सूत्रधार बने
आध्या सेवार्थ फाउण्डेशन द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय महोत्सव में नवदंपतियों को गृहस्थी का सामान भेंट किया गया और यातायात सुरक्षा हेतु हेलमेट दिए गए।

कोटा में आध्या सेवार्थ फाउण्डेशन द्वारा आयोजित प्रथम सामूहिक विवाह महोत्सव के दौरान शोभायात्रा में हर्षोल्लास मनाते आयोजन समिति के सदस्य और गणमान्य नागरिक।
कोटा, 1 मई। शिक्षा नगरी कोटा में आध्या सेवार्थ फाउण्डेशन के तत्वावधान में आयोजित प्रथम सनाढ्य आदिगौड़ निःशुल्क सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव ने सामाजिक समरसता और भव्यता की एक नई इबारत लिख दी है। जब नगर की गलियों से सुसज्जित बग्गियों पर सवार दूल्हे-दुल्हन भगवान परशुराम की नयनाभिराम झांकी के साथ गुजरे, तो समूचा वातावरण उत्सव के रंग में सराबोर हो गया और राहगीर इस अलौकिक दृश्य को निहारते रह गए। दो दिवसीय इस भव्य आयोजन का समापन बेहद हर्षोल्लास और पारिवारिक आत्मीयता के बीच हुआ, जहाँ 8 जोड़ों ने वैदिक रीति-रिवाजों के साथ अग्नि के समक्ष सात फेरे लेकर अपने गृहस्थ जीवन का श्रीगणेश किया।
महोत्सव के मुख्य संयोजक लोकेश शर्मा ने जानकारी दी कि इस पावन अवसर पर खाटू श्याम बाबा मुख्य अतिथि के रूप में विराजमान रहे, जिनका विशाल और मनमोहक दरबार सजाया गया। 1008 महंत श्री सत्यप्रकाश बनखण्डी ने नवयुगलों को अपना दिव्य आशीर्वाद प्रदान किया। कार्यक्रम में राजनीतिक सौहार्द का भी अनूठा संगम देखने को मिला, जहाँ भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश जैन और कांग्रेस जिलाध्यक्ष राखी गौतम ने एक ही मंच से नवविवाहित जोड़ों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
आयोजन का मुख्य आकर्षण भव्य शोभायात्रा रही, जिसमें सजी-धजी बग्गियों में सवार वर-वधू और भगवान परशुराम की झांकी ने नगर भ्रमण किया। शोभायात्रा के पश्चात दूल्हों द्वारा तोरण मारने की रस्म अदा की गई, जिसके बाद वरमाला और पाणिग्रहण संस्कार की प्रक्रिया पूर्ण हुई। फाउण्डेशन के कोषाध्यक्ष प्रियांशु शर्मा के अनुसार, खाटू श्याम के दरबार की छत्रछाया में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुए इस विवाह संस्कार में प्रत्येक जोड़े ने जीवन पर्यंत साथ निभाने का पवित्र वचन लिया।
बेटियों की विदाई और उनके नए संसार को बसाने के संकल्प के साथ फाउण्डेशन की अध्यक्ष शालू शर्मा ने बताया कि प्रत्येक वधू को सोने की लौंग, चांदी की पाजेब, बिछिया, अंगूठी और टॉप्स जैसे आभूषणों से लाड़ लड़ाया गया। नवदंपतियों की गृहस्थी सजाने के लिए संस्था ने अलमारी, पंखा, टीवी, ड्रेसिंग टेबल, गद्दे, सूटकेस, डिनर सेट और गैस चूल्हे सहित 120 से अधिक उपयोगी उपहार प्रदान किए। समिति द्वारा दूल्हे के लिए कोट-पैंट और दुल्हन के लिए बेस व चूड़ा भी उपलब्ध कराया गया। विशेष रूप से, सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए यातायात सुरक्षा के प्रति जागरूक करने हेतु नवदंपतियों को हेलमेट भेंट कर नियमों के पालन का संकल्प दिलाया गया।
विदाई के समय माहौल अत्यंत भावुक हो गया, जब ओमप्रकाश टंकारिया ने बेटियों की रुखसती का वर्णन करते हुए बताया कि माता-पिता के अश्रुपूरित नेत्रों ने पूरे जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया। कमल शर्मा के कुशल संचालन में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में रामस्वरूप शर्मा, प्रेम शास्त्री, मनीष तिवारी, भीष्म कुमार शर्मा, गजेन्द्र जोशी, प्रमोद शर्मा, महावीर पंचोली, विजय भारद्वाज, रघुवर दयाल शर्मा, जितेंद्र शर्मा और सतीश शर्मा सहित अनेक गणमान्यजन साक्षी बने। यह सामूहिक विवाह महोत्सव न केवल आठ परिवारों के मिलन का माध्यम बना, बल्कि समाज में सेवा और नि:स्वार्थ आत्मीयता का एक प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है।

Bhagvati Medatwal, Kota
नाम: भगवती मेड़तवाल
वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)
कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र
बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय
परिचय
भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।
