कोटा: भारतीय किसान संघ ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंपा ज्ञापन, मंडी अव्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी
भारतीय किसान संघ ने भामाशाह मंडी में अवैध वसूली और गिरदावरी में तकनीकी खामियों को लेकर लोकसभा अध्यक्ष से हस्तक्षेप की मांग की है।

कोटा, 22 मार्च। भामाशाह मंडी में किसानों के शोषण और अव्यवस्थाओं के विरुद्ध भारतीय किसान संघ ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंकते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। प्रतिनिधिमंडल ने मंडी समिति की हालिया बैठक में हुए हंगामे और किसानों के साथ हो रही ज्यादती पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि मंडी प्रशासन की तानाशाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लोकसभा अध्यक्ष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मंडी समिति में हुए विवादित घटनाक्रम की पूरी जानकारी ली और किसानों को आश्वस्त किया कि उनके हितों के साथ किसी भी स्तर पर खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
भारतीय किसान संघ के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल में प्रांत प्रचार प्रमुख आशीष मेहता, संभाग अध्यक्ष गिरिराज चौधरी, जिला अध्यक्ष जगदीश कलमंडा और जिला मंत्री रूपनारायण यादव शामिल थे। पदाधिकारियों ने स्पीकर बिरला को अवगत कराया कि मंडी प्रशासन और किसानों के बीच तुलाई तथा हम्माली की राशि को लेकर भारी गतिरोध बना हुआ है। संघ ने आरोप लगाया कि भामाशाह मंडी में नियमों के विरुद्ध अवैध वसूली की जा रही है, जिसके कारण किसानों में गहरा रोष व्याप्त है। इस दौरान बिरला ने पूछा कि आखिर बैठक में किन बिंदुओं पर सहमति नहीं बन पाई और किन कारणों से हंगामा हुआ। उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासनिक अधिकारियों से इस पूरे घटनाक्रम का फीडबैक लेने और व्यवस्थाओं में पारदर्शिता लाने हेतु ठोस कदम उठाने का भरोसा दिया।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि मंडी में प्रति कट्टा 200 से 300 ग्राम अतिरिक्त वजन लेने की कुप्रथा को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। साथ ही, महिला श्रमिकों के नाम पर की जा रही 2 रुपए प्रति कट्टा की अवैध वसूली पर भी रोक लगाने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई गई। संघ ने जोर दिया कि किसानों के समय और धन की बचत के लिए नीलामी की प्रक्रिया किसानों के वाहनों पर ही की जाए और पारदर्शी तुलाई हेतु इलेक्ट्रोनिक कांटे के स्थान पर धर्मकांटे का उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि बम्पर आवक के समय मंडी में जाम की स्थिति से बचा जा सके। इसके अतिरिक्त, खरीफ 2025 की फसल बीमा राशि और अतिवृष्टि से हुए नुकसान के मुआवजे का अविलंब भुगतान करने का मुद्दा भी प्रमुखता से रखा गया।
तकनीकी समस्याओं का उल्लेख करते हुए प्रांत प्रचार प्रमुख आशीष मेहता ने बताया कि ऑनलाइन गिरदावरी में बड़ी त्रुटियां सामने आ रही हैं, जहाँ खेतों में फसल खड़ी होने के बावजूद पोर्टल पर 'शून्य' फसल दर्ज दिखाई दे रही है। संघ ने मांग की है कि पोर्टल को पुनः खोलकर इन तकनीकी खामियों को दुरुस्त किया जाए। इसके अलावा, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद में गुणवत्ता शर्तों में ढील देने और सरसों व चने की खरीद सीमा को 25 क्विंटल से बढ़ाकर 40 क्विंटल प्रति किसान करने का आग्रह किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने चंद्रेशल में पूर्व निर्धारित भूमि पर थोक फल-सब्जी मंडी का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने की भी मांग रखी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी विषयों को गंभीरता से सुनने के उपरांत विश्वास दिलाया कि वे जल्द ही मंडी प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे ताकि किसानों को उनकी उपज का पूरा दाम और सम्मान मिल सके और भविष्य में ऐसे विवादों की पुनरावृत्ति न हो।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
