कोटा 9 अप्रैल। भारतीय राष्ट्रीय किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज दुबे ने एमएसपी खरीद केंद्रों पर हो रही भारी अव्यवस्थाओं की भेंट किसान के चढ़ने के लिए राजस्थान सरकार एवं जिला प्रशासन को जिम्मेदार बताते हुए पीड़ित किसान परिवार को एक करोड़ रूपए मुआवजा दिए जाने की मांग की है। मनोज दुबे ने कहा की बेमौसम बरसात, आंधी एवं ओलावृष्टि से फसल को हुए भारी नुकसान व गेंहू की फसल की कम कीमत लगने से सदमे में किसान की मौत होना घोर निंदनीय एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। राजस्थान की भाजपा की डबल इंजन पर्ची सरकार का 2735 रु प्रति क्विंटल गेहूं खरीदने का दावा फेल हो चुका है।

कर्ज और कम दाम के सदमे ने ली किसान की जान

मनोज दुबे ने कहा की "कोटा में भामाशाहमंडी के एमएसपी खरीद केंद्र पर फसल बेचने आए कोटा जिले के सांगोद के झाड़ आमली निवासी किसान हंसराज वैष्णव के गेंहू की कम कीमत लगी थी, जिससे वो तनाव में आ गए। कर्ज से परेशान किसान हंसराज वैष्णव ने किराए पर खेती लेकर फसल की थी, बारिश, ओलावृष्टि से फसल को भारी नुकसान हुआ ओर गेंहू की फसल की कम कीमत लगने से सदमा सहन नही कर सके और अचानक दिल का दौरा पड़ा और उनकी मौत हो गई।"

भाजपा सरकार के दावों और वादों की खुली पोल

मनोज दुबे ने कहा की "सत्ता में बैठे भाजपा के जनप्रतिनिधियों ने किसानों से वायदा किया था की सभी खरीद केंद्रों पर किसानों के एक एक दाने की खरीद होगी एवं एमएसपी पर 100% खरीद का दावा किया था लेकिन, किसान की सदमे से हुई मौत ने सरकार के सभी दांवो की पोल खोल कर रख दी है।" उन्होंने आगे कहा की "कोटा मंडी में कर्ज़ के बोझ में दबे किसान की सदमे में हुई मृत्यु अत्यंत पीड़ादायक एवं भाजपा सरकार की निर्दयी व्यवस्था द्वारा की गई संस्थागत हत्या है। राजस्थान में किसानों के साथ लगातार घोर छलावा हो रहा है, भाजपा का पूरा सिस्टम किसान की मेहनत की खुली लूट में लगा है।"

किसान सम्मान निधि और एमएसपी पर वादाखिलाफी का आरोप

मनोज दुबे ने कहा की "भाजपा ने 12 हजार सम्मान निधि देने का वादा किया था, लेकिन इस सरकार में वादे के मुताबिक न किसान सम्मान निधि मिल रही है, न गेहूं का पूरा समर्थन मूल्य दिया जा रहा है, न कोई बोनस, न खरीद की जा रही है। मजबूरी में किसान दुःखी होकर मंडियों में औने-पौने दामों पर फ़सल बेचने को मजबूर हो रहा है। जबकि भाजपा सरकार गेहूं पर 2735 रुपए की एमएसपी सिर्फ कागज़ों में दिखाकर वाहवाही लूट रही है।"

कर्ज के बोझ और बेमौसम बारिश से तबाही

मनोज दुबे ने कहा की प्रदेश के किसानों पर 1.92 लाख करोड़ का कर्ज है, लेकिन भाजपा सरकार कोई राहत देने को तैयार नहीं। किसानों की आय दोगुनी करने का दावा, प्रधानमंत्री फसल बीमा, उचित मुआवजा, सब सिर्फ जुमले निकले है। उन्होंने आगे कहा की "बेमौसम बारिश एवं ओलावृष्टि से किसान दोहरी मार झेलने को विवश है। एक ओर बेमौसम बारिश ने अन्नदाता की फसलें तबाह कर दी, तो दूसरी ओर भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली से किसानों को उपेक्षित होना पड़ रहा है।"

गिरदावरी और तुलाई में देरी से किसान हताश

मनोज दुबे ने कहा की "किसानों के प्रति भाजपा सरकार की संवेदना पूरी तरह से ख़त्म हो चुकी है। प्रदेशभर में किसानों की खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो चुकी हैं, मंडियों में पड़ी फसलें पानी में बह गई हैं, लेकिन जिम्मेदार सरकार अब भी हाथ पर हाथ धरे बैठी हैं। न खराबे की गिरदावरी समय पर हो पा रही है, न ही समर्थन मूल्य पर किसानों की फसलों की तुलाई हो पा रही है। किसान पूरी तरह से निराश, हताश एवं परेशान है।"

Pratahkal Bureau

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