कोटा में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के मामलों ने एक बार फिर राजनीतिक पारा चढ़ा दिया है। विधायक संदीप शर्मा ने पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे अपने निजी अवैध कब्जों को बचाने के उद्देश्य से गरीब पशुपालकों और घुमंतू परिवारों के बीच जानबूझकर भय और भ्रम का वातावरण निर्मित कर रहे हैं। विधायक शर्मा ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार का संकल्प हर पात्र गरीब परिवार को नियमानुसार भूमि का पट्टा उपलब्ध कराना है और सरकार उनके अधिकारों के संरक्षण के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

विधायक शर्मा ने आगे कहा कि भू-माफियाओं के निजी हितों की रक्षा करने के लिए गरीबों को ढाल बनाकर राजनीति करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए तीखे प्रहार किए। शर्मा ने पूछा कि क्या राजस्थान कांग्रेस और स्थानीय कांग्रेसी नेतृत्व सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही का विरोध कर रहे हैं? उन्होंने जनता के समक्ष यह प्रश्न रखा है कि क्या कांग्रेस का रुख अब स्पष्ट रूप से भू-माफियाओं के समर्थन में है। उन्होंने जोर दिया कि जनता यह जानने की हकदार है कि विपक्षी दल गरीबों के अधिकार का पक्ष ले रहा है या अवैध कब्जाधारियों के संरक्षण का।

अपने आधिकारिक बयान में विधायक ने यह दोहराया कि भाजपा सरकार किसी भी गरीब के साथ अन्याय नहीं होने देगी, लेकिन सरकारी भूमि पर कब्जा कर जनहित के संसाधनों को हथियाने वाले तत्वों को कतई बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून अपना कार्य निष्पक्ष रूप से करेगा और भू-माफियाओं के खिलाफ चल रही यह मुहिम बिना किसी दबाव के जारी रहेगी। यह प्रकरण न केवल सरकारी भूमि के संरक्षण का है, बल्कि यह कोटा की राजनीति में गरीबों के नाम पर हो रही सियासत और कानून के शासन की स्थापना के बीच एक बड़े टकराव के रूप में उभरकर सामने आया है।

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