कोटा में आगामी गणेश महोत्सव 2026 को पूरी तरह इको फ्रेंडली बनाने की दिशा में सर्व हिंदू समाज सोशल क्रांतिकारी महासंघ ने नई पहल करते हुए गुरुवार को ‘इको फ्रेंडली श्री गणपति सृजनशाला’ का शुभारंभ किया। महासंघ के मुख्य संयोजक एवं अध्यक्ष गोविंद नारायण अग्रवाल ने बताया कि अभियान के प्रथम चरण के तहत टीलेश्वर चौराहा स्थित पार्क के समीप 15 गुणा 100 वर्ग फीट क्षेत्र में सृजनशाला की स्थापना की गई है।

सृजनशाला का उद्घाटन महासंघ के मुख्य संरक्षक डॉ. एमएल अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम में पंकज कुमार गोयल, संजय गोयल, अनिल खंडेलवाल और दिनेश कुमार बंसल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने गणपति प्रतिमाओं के सृजनकर्ता बंगाल के प्रसिद्ध कारीगर बहुतोस भास्कर, पंकज भास्कर एवं उनकी टीम को श्रीफल, मिठाई और प्रोत्साहन राशि भेंट कर प्रतिमा निर्माण के पावन कार्य का शुभारंभ कराया।

उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्य संरक्षक डॉ. एमएल अग्रवाल ने कहा कि प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) और रासायनिक रंगों से बनी गणेश प्रतिमाओं के जलाशयों में विसर्जन से जल स्रोत अत्यधिक प्रदूषित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि विघ्नहर्ता श्री गणपति की प्रतिमा विसर्जन की इस पावन परंपरा को प्राकृतिक संतुलन, जलीय जीवों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के साथ जोड़ना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने प्रतिमा निर्माण में पीओपी के स्थान पर मिट्टी और प्राकृतिक रंगों के उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि यह सृजनशाला पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।

कार्यक्रम के दौरान महासंघ के सक्रिय सदस्य अनिल कुमार शर्मा, बृजनंदन गौतम, महेश पंचोली, हेमंत सिंह, धर्मपाल सिंह, रचना गोयल, सीमा गांधी, उषा चावला, रमा शर्मा, संतोष शर्मा और मंजू गौड़ भी उपस्थित रहे।

महासंघ के संस्थापक महामंत्री राजाराम जैन ‘कर्मयोगी’ (रावण सरकार) ने बताया कि 15 जुलाई को गुप्त नवरात्र के पावन अवसर पर शाम 4 बजे तिरुपति बालाजी धाम में ‘इको फ्रेंडली श्री गणपति क्लब’ की स्थापना की जाएगी। इस अवसर पर क्लब के मुख्य संरक्षक एवं प्रथम अध्यक्ष डॉ. एमएल अग्रवाल तथा डॉ. अरुणा अग्रवाल का नागरिक अभिनंदन भी किया जाएगा। स्थापना के साथ ही क्लब द्वारा तैयार की गई पहली इको फ्रेंडली 7 फीट ऊंची ‘संत स्वरूपा चंदन गणेश’ प्रतिमा की स्थापना होगी। कार्यक्रम के दौरान भजन संध्या और महाआरती का आयोजन किया जाएगा, जिसमें भगवान गणेश को सवामण लड्डू-बाटी-चूरमा का भोग लगाया जाएगा। यह पहल गणेश महोत्सव को पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ जोड़ने की दिशा में महासंघ के अभियान का महत्वपूर्ण चरण मानी जा रही है।

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