कोटा के डॉ. अनीश गुप्ता को चीन में मिला 'बेस्ट पेपर प्रेजेंटेशन अवॉर्ड'
बीजिंग में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कोटा के आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. अनीश गुप्ता के शोधपत्र को सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

बीजिंग के चाइना एकेडमी ऑफ चाइनीज मेडिकल साइंसेज में संस्थान की निदेशक प्रोफेसर डॉ. रोंग पेजिंग (बाएं) और कोटा के वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. अनीश गुप्ता (दाएं) अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने के बाद शोध पुस्तकें प्रदर्शित करते हुए।
राजस्थान के कोटा शहर के प्रतिष्ठित एक्यूपंक्चर विशेषज्ञ, आयुर्वेद चिकित्सक एवं शोधकर्ता डॉ. अनीश गुप्ता ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों का गौरव बढ़ाते हुए विश्व मंच पर एक नया इतिहास रच दिया है। चीन में आयोजित एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक सम्मेलन में डॉ. गुप्ता द्वारा प्रस्तुत किए गए शोधपत्र को उसकी उत्कृष्टता के लिए प्रतिष्ठित "बेस्ट पेपर प्रेजेंटेशन अवॉर्ड" (सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति पुरस्कार) से सम्मानित किया गया है। कोटा से बीजिंग तक के इस सफर में उन्होंने वैश्विक स्तर पर आयुर्वेद का पक्ष अत्यंत मजबूती से रखा, जिससे भारतीय चिकित्सा पद्धति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी पहचान मिली है।
डॉ. अनीश गुप्ता को चीन सरकार के प्रतिष्ठित संस्थान 'चाइना एकेडमी ऑफ चाइनीज मेडिकल साइंसेज' (सीएसीएमएस), बीजिंग द्वारा इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। इस वैश्विक मंच पर उन्होंने “द ब्रिज बिटवीन आयुर्वेद एंड ट्रेडिशनल चाइनीज मेडिसिन: ए शेयर्ड जर्नी ऑफ विजडम” विषय पर अपना शोधपत्र प्रस्तुत किया। अपने इस उच्च स्तरीय शोध में डॉ. गुप्ता ने आयुर्वेद और पारंपरिक चीनी चिकित्सा (टीसीएम) के साझा सिद्धांतों, दोनों ही प्राचीन चिकित्सा प्रणालियों की समकालीन वैज्ञानिक उपयोगिता तथा वर्तमान वैश्विक स्वास्थ्य सेवाओं में इनके आपसी समन्वय व एकीकरण की असीम संभावनाओं पर विस्तृत प्रकाश डाला।
अपने प्रभावी प्रस्तुतीकरण के दौरान डॉ. गुप्ता ने रेखांकित किया कि भारत और चीन की हजारों वर्षों पुरानी ये पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियां आज के आधुनिक युग में भी समग्र स्वास्थ्य तथा रोग निवारण के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने वैश्विक मानवता के कल्याण के लिए दोनों प्रणालियों के संचित अनुभवों, गहन ज्ञान और व्यावहारिक सिद्धांतों को एकीकृत कर एक अधिक प्रभावी तथा सर्वसुलभ वैश्विक स्वास्थ्य मॉडल विकसित करने की महती आवश्यकता पर बल दिया। उनके इस शोधकार्य की उत्कृष्ट गुणवत्ता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और विषय की समसामयिक प्रासंगिकता को देखते हुए चाइना एकेडमी ऑफ चाइनीज मेडिकल साइंसेज के निदेशक प्रोफेसर डॉ. रोंग पेजिंग ने डॉ. अनीश गुप्ता को "बेस्ट पेपर प्रेजेंटेशन अवॉर्ड" प्रदान कर सम्मानित किया।
डॉ. अनीश गुप्ता पिछले तीन दशकों से भी अधिक समय से एक्यूपंक्चर एवं आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं और अब तक देशभर में दो लाख से अधिक रोगियों का सफल उपचार कर चुके हैं। इस दीर्घकालिक चिकित्सा यात्रा के दौरान उन्होंने अनेक जटिल एवं असाध्य रोगों पर गहन शोध व प्रभावी चिकित्सा कार्य किया है। वर्तमान में डॉ. गुप्ता 'इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एक्यूपंक्चर रिसर्च एंड एलाइड साइंसेज, कोटा' के निदेशक एवं प्राचार्य के पद पर कार्यरत हैं, और इसके साथ ही वे 'एक्यूपंक्चर साइंस एसोसिएशन ऑफ इंडिया' के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में भी देश को अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय पटल पर मिली यह ऐतिहासिक उपलब्धि न केवल कोटा बल्कि संपूर्ण भारत के पारंपरिक चिकित्सा क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी।

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