कोटा में 133वें राष्ट्रीय मेला दशहरा 2026 के तहत मंगलवार को रियासतकालीन परंपराओं और राजसी वैभव के बीच रावण दहन किया जाएगा। मेला परिसर स्थित विजयश्री रंगमंच पर होने वाले इस आयोजन में भगवान लक्ष्मीनारायण जी की भव्य सवारी, पारंपरिक पूजा-अर्चना, अमृत कलश भेदन और आतिशबाजी मुख्य आकर्षण होंगे। हाड़ौती की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े इस आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीणों, शहरवासियों और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के जुटने की संभावना है।

महापौर अनुसुईया गोस्वामी ने बताया कि दशहरा महोत्सव की शुरुआत गढ़ पैलेस में होने वाले पारंपरिक आयोजनों से होगी। यहां पारंपरिक दरीखाना सजाया जाएगा, जिसमें हाड़ौती क्षेत्र के पूर्व ठिकानों के प्रतिनिधि अपनी पारंपरिक और राजसी वेशभूषा में शामिल होंगे। दरीखाने में भगवान लक्ष्मीनारायण जी की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके बाद शुभ मुहूर्त के अनुसार शाम 6:31 बजे गढ़ पैलेस से भगवान लक्ष्मीनारायण जी की भव्य सवारी राजसी वैभव और ठाट-बाट के साथ रवाना होगी। यह सवारी गढ़ पैलेस से निकलकर किशोरपुरा दरवाजे से होते हुए सीधे दशहरा मैदान स्थित विजयश्री रंगमंच पहुंचेगी।

मेला अधिकारी एवं आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि दशहरा मैदान पहुंचने पर रियासतकालीन परंपराओं के अनुसार विशेष अनुष्ठान किए जाएंगे। इस दौरान विधि-विधान से ज्वारा पूजन और श्री सीता जी के पाने का पूजन होगा। इन धार्मिक अनुष्ठानों के बाद पूर्व महाराव इज्येराज सिंह नाभि कलश में तीर चलाकर अमृत कलश को फोड़ेंगे। इसके तुरंत बाद बुराई के प्रतीक रावण के दहन का कार्यक्रम शुरू होगा।

महापौर अनुसुईया गोस्वामी के अनुसार, पंचांग और निर्धारित मुहूर्त के अनुसार रात 7:31 बजे से 8:31 बजे के बीच रावण दहन किया जाएगा। इस दौरान आतिशबाजी की रंग-बिरंगी रोशनी से आसमान जगमगाएगा। कोटा का दशहरा मेला अपनी ऐतिहासिक भव्यता, प्राचीन लोक संस्कृति और रियासतकालीन परंपराओं के जीवंत स्वरूप के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है।

आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि देश के कोने-कोने से आने वाले दर्शक इस ऐतिहासिक आयोजन के साक्षी बन सकें। राजसी सवारी से लेकर अमृत कलश भेदन और रावण दहन तक की परंपराएं 133वें राष्ट्रीय दशहरा मेले में कोटा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को सामने लाएंगी।

Bhagvati Medatwal, Kota

Bhagvati Medatwal, Kota

नाम: भगवती मेड़तवाल

वर्तमान पद: रिपोर्टर / प्रातःकाल प्रतिनिधि (कोटा)

कार्यक्षेत्र: कोटा (राजस्थान) एवं आमेट तहसील क्षेत्र

बीट (मुख्य विषय): स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिज़नेस एवं सभी विषय

परिचय 

भगवती मेड़तवाल 'प्रातःकाल' समाचार पत्र में कोटा प्रतिनिधि और रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह कोटा जिले के साथ-साथ आमेट तहसील क्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को कवर करती हैं। स्थानीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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